मोंगला, बांग्लादेश में भारतीय नौसेना के जहाजों की ऐतिहासिक यात्रा : मुख्य बिंदु

भारतीय नौसेना के जहाज बांग्लादेश के मोंगला के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर में पहली बार जा रहे हैं। यह  जहाज ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ समारोह का हिस्सा बनेंगे, जो पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के मुक्ति संग्राम के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में होगा। यह समारोह 8 मार्च से 10 मार्च 2021 तक आयोजित किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय नौसेना जहाजों में स्वदेशी रूप से निर्मित अपतटीय गश्ती जहाज, सुमेधा और स्वदेश निर्मित निर्देशित मिसाइल कोरवेट कुलिश भी शामिल है। ये जहाज 1971 के मुक्ति संग्राम में जान गंवाने वाले बांग्लादेशी और भारतीय सैनिकों और नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह SAGAR (Security & Growth for all in the Region)  नीति के अनुरूप शांति, स्थिरता को बनाए रखने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

बांग्लादेश मुक्ति युद्ध, 1971

इस युद्ध को बांग्लादेश स्वतंत्रता संग्राम या बांग्लादेश में मुक्ति संग्राम के नाम से भी जाना जाता है। यह युद्ध एक क्रांति और सशस्त्र संघर्ष था जिसे 1971 के बांग्लादेश नरसंहार के दौरान पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली राष्ट्रवादी के उदय और आत्मनिर्णय आंदोलन के कारण शुरू किया गया था। इस युद्ध के कारण पीपल्स रिपब्लिक ऑफ बांग्लादेश की स्वतंत्रता हुई। यह युद्ध 25 मार्च, 1971 को पूर्वी पाकिस्तानी सेना द्वारा लोगों के खिलाफ “ऑपरेशन सर्चलाइट” शुरू करने के बाद शुरू किया गया था। इस युद्ध में, पाकिस्तानी सेना को बांग्लादेश से बाहर निकाल दिया गया था और 90000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारत के सामने आत्मसमर्पण किया था।

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