वित्त वर्ष 2021 में जीडीपी में 7.7% की कमी आ सकती है  : NSO

हाल ही में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने देश के लिए GDP का पहला अग्रिम अनुमान जारी किया है। एनएसओ के अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 7.7% की कमी आएगी।

मुख्य बिंदु

ब्लूमबर्ग के अनुसार, यह वर्ष 1952 के बाद से जीडीपी में सबसे बड़ा वार्षिक संकुचन होगा। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुमान भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किए गए 7.5 प्रतिशत संकुचन अनुमान के काफी नज़दीक है। अर्थव्यवस्था विशेषज्ञों के अनुसार, वार्षिक वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.5% से 9.9% तक संकुचित होगी।

जीडीपी के अग्रिम अनुमान महत्वपूर्ण हैं क्योंकि केंद्रीय बजट अगले वित्तीय वर्ष के लिए वर्तमान कीमतों पर जीडीपी वृद्धि के लिए इन आंकड़ों  का उपयोग करता है और इसके आधार पर, राजकोषीय घाटे और कर इत्यादि की गणना की जाती है।

इस अनुमान के अनुसार, निवेश में 14.5% की कमी होने की उम्मीद है और दूसरी ओर, निजी उपभोक्ता खर्च में 9.5% की कमी होगी। हालाँकि, सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद है। चूंकि केंद्र और राज्यों का खर्च वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में नहीं बढ़ा था, इसलिए उम्मीद है कि सरकारें दूसरी छमाही में खर्च बढ़ाएंगी।

विनिर्माण में 9.4% और सेवा क्षेत्र में 8.3% की गिरावट होने के आसार हैं।  परिवहन, व्यापार, संचार सेवाओं और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में 2020-21 में 21.4% की भारी गिरावट देखने की उम्मीद है। कृषि में सकल मूल्य 3.4 प्रतिशत बढ़ेगा। अनुमान के अनुसार, कुछ क्षेत्र वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में बेहतर सुधार दिखाएंगे।

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