विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.5 से 12.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया

विश्व बैंक (World Bank) ने जनवरी में अनुमानित 5.4 प्रतिशत की तुलना में 2021-22 के लिए भारतीय जीडीपी वृद्धि के 10.1% रहने का अनुमान लगाया है। विश्व बैंक ने कहा, कोविड-19 के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के बीच महत्वपूर्ण अनिश्चितता को देखते हुए, भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.5 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक हो सकती है।

मुख्य बिंदु

विश्व बैंक ने अपनी ‘South Asia Economic Focus Spring’ अपडेट रिपोर्ट में कहा कि इसने निजी उपभोग और निवेश वृद्धि में मजबूत सुधार के बीच अनुमान को संशोधित किया है। विश्व बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष के दौरान सरकारी खपत में लगभग 16.7 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।

हालांकि, विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि आर्थिक गतिविधि पूर्व-कोविड अनुमान से काफी कम है। इसने कहा कि व्यवसायों को खोए हुए राजस्व को प्राप्त करने के लिए काफी प्रयास करने पड़ेंगे। इसके अलावा लाखों लोगों ने अनौपचारिक क्षेत्र में अपनी नौकरी भी गंवाई है, जिसके कारण उनकी आय में गिरावट आई है।

विश्व बैंक

विश्व बैंक का मुख्यालय वाशिंगटन डी. सी. में है। इसकी स्थापना जुलाई 1945 को हुई थी। विश्व बैंक ऋण देने वाली एक ऐसी संस्था है जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों की अर्थ व्यवस्थाओं को एक व्यापक विश्व अर्थव्यवस्था में शामिल करना और विकासशील देशों में ग़रीबी उन्मूलन के प्रयास करना है। इसके कुल 189 सदस्य देश हैं। इसका आदर्श वाक्य “निर्धनता मुक्त विश्व के लिए कार्य करना” है।

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