वैक्सीन कोल्ड चेन सुविधाएं बनाने में भारत की मदद करेगा जापान

जापान भारत को कोविड-19 टीकों को सुरक्षित रूप से स्टोर करने के लिए कोल्ड चेन सुविधाओं के निर्माण के लिए 10 मिलियन डॉलर की सहायता प्रदान करने जा रहा है।

मुख्य बिंदु

  • जापान भारत को यह सहायता शीत-भंडारण सुविधाओं (cold storage facilities) जैसे चिकित्सा उपकरणों सहित कोल्ड चेन उपकरण बनाने के लिए प्रदान करेगा।
  • कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को ‘लास्ट वन माइल सपोर्ट’ के रूप में बनाया जाएगा।
  • ये सुविधाएंयूनिसेफ के माध्यम से प्रत्येक देश में टीकाकरण सुनिश्चित करेंगी ।

जापान और COVAX सुविधा

कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए, जिन सामान्य चुनौतियों का सामना देश कर रहे हैं उनमें शामिल हैं- टीकों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना और टीकाकरण में तेजी लाना। इस चुनौती को दूर करने के लिए जापान ने टीकों की खरीद के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय तंत्र के रूप में COVAX सुविधा के संचालन का नेतृत्व किया है।

भारत की कोविड लड़ाई में अमेरिका का योगदान

अमेरिका ने भारत सहित उन देशों को टीकों की 70 मिलियन से अधिक डोज़ दान करने की घोषणा की, जहां कोविड -19 के मामलों में वृद्धि देखी गई थी। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि भारत को अमेरिका से कौन से टीके मिलेंगे।

वैक्सीन के लिए कोल्ड चेन सुविधाओं की आवश्यकता क्यों पड़ती है?

टीका को लगातार एक सीमित तापमान में संग्रहित करने की आवश्यकता होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बहुत अधिक या बहुत कम तापमान में टीका अपनी शक्ति खो सकता है।  कोविड-19 टीकों में, फाइजर के COVID-19 वैक्सीन के लिए कड़े भंडारण की आवश्यकता होती है, जबकि मॉडर्ना COVID-19 वैक्सीन के लिए -20°C के तापमान की आवश्यकता होती है, जिस पर यह छह महीने तक स्थिर रह सकता है।

Categories:

Tags: , , , ,

« »

Advertisement

Comments