सुप्रीम कोर्ट ने 9 नए न्यायधीशों को पद की शपथ दिलाई गयी

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एन.वी. रमण ने 31 अगस्त, 2021 को तीन महिलाओं सहित 9 नए न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई।

मुख्य बिंदु 

  • इन 9 नए जजों में से तीन जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा मुख्य न्यायधीश बनने की कतार में हैं।
  • 9 जजों के जुड़ने से सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों की कुल संख्या 34 की स्वीकृत संख्या में से 33 हो जाएगी, जिसमें CJI भी शामिल है।
  • सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब एक बार में 9 न्यायधीश पद की शपथ लेंगे।
  • शपथ ग्रहण समारोह सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त भवन परिसर के सभागार में  होगा।

पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट के एक कॉलेजियम ने 17 अगस्त, 2021 को इन नौ जजों के नामों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट के जजों के तौर पर करने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने तब उनकी नियुक्ति के पत्र पर हस्ताक्षर किए।

महिला न्यायाधीश

शीर्ष अदालत ने अपनी स्थापना के बाद से बहुत कम महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति की है। 71 से अधिक वर्षों में, अब तक केवल 8 महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। पहली महिला न्यायाधीश एम. फातिमा बीवी थीं, जिन्हें 1989 में नियुक्त किया गया था। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी 7 अगस्त, 2018 को उनकी पदोन्नति के बाद सर्वोच्च न्यायालय में एकमात्र सेवारत महिला न्यायाधीश हैं।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति

भारत का राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है। मुख्य न्यायधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के साथ-साथ उच्च न्यायालयों  के परामर्श के बाद की जाती है। सर्वोच्च न्यायालय के अन्य न्यायधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा मुख्य न्यायधीश और सर्वोच्च न्यायालयों व उच्च न्यायालयों के अन्य न्यायाधीशों के परामर्श के बाद की जाती है।

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