स्वदेशी रूप से विकसित विशेष विमानन ईंधन AVGAS 100 LL लॉन्च किया गया

भारत सरकार द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित विशेष विमानन ईंधन AVGAS 100 LL लॉन्च किया गया था।

मुख्य बिंदु

  • AVGAS 100 LL को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन द्वारा पिस्टन इंजन वाले विमानों और मानव रहित हवाई वाहनों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था।
  • इसका उपयोग स्पार्क-इग्निशन पिस्टन इंजन वाले विमानों को उर्जा देने के लिए किया जाता है, जिसमें वायु-ईंधन मिश्रण की दहन प्रक्रिया एक स्पार्क प्लग से एक चिंगारी से प्रज्वलित होती है।
  • यह स्वदेशी रूप से विकसित ईंधन एक उच्च ऑक्टेन संख्या वाला नीला विमानन गैसोलीन है,।
  • IOC का नव विकसित विमानन ईंधन भारत के विमानन उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करेगा, हवाई अड्डों में बढ़ी हुई संख्या, विमानों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर इसका निर्माण किया गया है।
  • इसका उत्पादन गुजरात के वडोदरा में इंडियन ऑयल की रिफाइनरी में किया जाएगा।
  • इसे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा प्रमाणित किया गया है।
  • यह उच्च-ऑक्टेन विमानन ईंधन जिसमें आयातित विमानन गैसोलीन की तुलना में बेहतर प्रदर्शन गुणवत्ता मानक हैं।
  • भारत वर्तमान में यूरोपीय देशों से विशेष विमानन ईंधन का आयात कर रहा है।
  • भविष्य में हवाई परिवहन की मांग और बढ़ने की उम्मीद है।
  • 2029 तक विमानन गैसोलीन बाजार के वर्तमान 1.92 बिलियन से बढ़कर 2.71 बिलियन होने का अनुमान है।
  • एविएशन गैसोलीन में आत्मनिर्भरता से भारत को लगभग 20,000 रुपये से 30,000 रुपये प्रति किलो लीटर की बचत होगी।
  • भारत हर साल लगभग 3,000 किलो लीटर की खपत करता है, जो सभी विदेशों से आयात किया जाता है।
  • वडोदरा रिफाइनरी में वर्तमान में घरेलू जरूरतों के साथ-साथ निर्यात आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता है।

AVGAS क्या है?

AVGAS या एविएशन गैसोलीन एक विमानन ईंधन है जो विमान में स्पार्क-इग्निटेड दहन इंजनों को शक्ति प्रदान करता है। AVGAS 100LL में एविएशन गैसोलीन 100 की तुलना में कम लेड है।

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