हंसा-एनजी (HANSA-NG) क्या है?

नई पीढ़ी के दो सीटों वाले फ्लाइंग ट्रेनर विमान ‘हंसा-एनजी’ ने इन-फ्लाइट इंजन रिलाइट टेस्ट (in-flight engine relight test) पूरा किया।

मुख्य बिंदु 

यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) की वैमानिकी परीक्षण रेंज (ATR) सुविधा में चल्लकेरे, चित्रदुर्ग जिले (कर्नाटक) में आयोजित किया गया, और विमान के सभी पैरामीटर सामान्य पाए गए। यह परीक्षण 60 से 70 समुद्री मील की गति सीमा के साथ 7,000-8,000 फीट की ऊंचाई पर किया गया था।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA)से प्रमाणन प्राप्त करने के लिए यह इन-फ्लाइट इंजन रिलाइट परीक्षण महत्वपूर्ण है। इस साल की शुरुआत में, विमान ने पुडुचेरी में समुद्र के स्तर का परीक्षण पूरा किया।

‘हंसा-एनजी’ क्या है?

हंसा-एनजी वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council for Scientific and Industrial Research – CSIR)-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं (National Aerospace Laboratories – NAL) द्वारा विकसित एक विमान है। यह हंसा विमान का उन्नत संस्करण है। हंसा भी NAL द्वारा विकसित किया गया था और यह 2000 में प्रमाणित किया गया था।

हंसा-एनजी इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) -कंप्लायंट एवियोनिक्स से लैस है। इसका निर्माण सितंबर 2020 में शुरू किया गया था। MESCO एयरोस्पेस लिमिटेड HANSA-NG के उत्पादन भागीदारों में से एक है।

‘हंसा-एनजी’ कम लागत और ईंधन की कम खपत के कारण वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस के लिए उपयुक्त विमान है। अब तक NAL को हंसा-एनजी खरीदने के लिए विभिन्न फ्लाइंग क्लबों से 80 से अधिक आशय पत्र (LoI) प्राप्त हुए हैं।

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