हिंद महासागर का तेजी से गर्म हो रहा है : IPCC रिपोर्ट

Intergovernmental Panel on Climate Change (IPCC) ने हाल ही में “Climate Change 2021: The Physical Science Basis” शीर्षक से अपनी छठी मूल्यांकन रिपोर्ट  प्रकाशित की। IPCC ने अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की है कि हिंद महासागर अन्य महासागरों की तुलना में तेज़ी से गर्म हो रहा है।

मुख्य बिंदु 

  • AR6 रिपोर्ट के लेखकों के अनुसार, हिंद महासागर के गर्म होने से समुद्र के स्तर में वृद्धि होगी, जिससे निचले स्तर के क्षेत्रों में अधिक बार और गंभीर तटीय बाढ़ आएगी।
  • इसके परिणामस्वरूप दक्षिण एशिया में 21वीं सदी में तीव्र और लगातार गर्मी की लहरें और आर्द्र गर्मी का तनाव होगा।
  • इस रिपोर्ट में प्रकाश डाला गया है, भले ही तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 1.5 डिग्री सेल्सियस सीमित हो, फिर भी चरम मौसम की घटनाएं (extreme weather events) देखी जाएंगी।
  • हीटवेव, भारी वर्षा की घटनाएं और ग्लेशियरों का पिघलना भारत जैसे देशों को प्रभावित कर रहा है।
  • उस रिपोर्ट ने विकसित देशों को तत्काल, ज्यादा उत्सर्जन कटौती और डीकार्बोनाइजेशन करने की चेतावनी दी।

जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (Intergovernmental Panel on Climate Change – IPCC)

IPCC संयुक्त राष्ट्र का एक अंतर सरकारी निकाय है। यह मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन, इसके प्राकृतिक, राजनीतिक और आर्थिक प्रभावों और संभावित प्रतिक्रिया विकल्पों को समझने के लिए वस्तुनिष्ठ वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने 1988 में IPCC की स्थापना की थी।

IPCC का सदस्य कौन बन सकता है?

WMO और UN के सभी सदस्यों के लिए आईपीसीसी की सदस्यता खुली है।

IPCC का कार्य

IPCC मूल शोध नहीं करता है। यह स्वयं जलवायु या संबंधित घटनाओं की निगरानी नहीं करता है। हालाँकि, यह प्रकाशित साहित्य की एक व्यवस्थित समीक्षा करता है और फिर एक व्यापक मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करता है।

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