हिमाचल प्रदेश का किन्नौर बना 100% टीकाकरण करने वाला देश का पहला जिला

हिमाचल प्रदेश का किन्नौर जिला देश का ऐसा पहला जिला बन गया है जहाँ पर 100% योग्य आबादी को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है, यह सूचना राज्य के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने साझा की है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश ने राज्य की कुल 100% आबादी (18+) का टीकाकरण करवा लिया है, राज्य ने सभी योग्य लोगों को कोरोना की पहली खुराक दे दी गयी है, हिमाचल प्रदेश यह उपलब्धि हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

किन्नौर

किन्नौर हिमाचल प्रदेश का एक जिला है, यह 6401 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। किन्नौर की आबादी केवल 84,000 है। इसका मुख्यालय रिकोंग पियो में स्थित है। किन्नौर के कुछ एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इस प्रकार हैं : सांगला घाटी, कामरू, छितकुल, भावा घाटी, रिकोंग पियो, कल्पा, हांगरांग घाटी, चांगो, रिब्बा, लिप्पा इत्यादि।

टीकाकरण के लिए पंजीकरण कैसे करवाएं?

कोविड-19 टीकाकरण के लिए पंजीकरण Co-WIN पोर्टल (https://www.cowin.gov.in) और आरोग्य सेतु एप्प पर किया जा सकता है। पंजीकरण करने के बाद व्यक्ति को वैक्सीन का स्थान और समय चुनना पड़ता है।

भारत में इस्तेमाल किये जाने वाले टीके

COVAXIN

  • COVAXIN भारत बायोटेक द्वारा निर्मित एक सरकारी समर्थित टीका है। इसकी प्रभावकारिता दर 81% है। COVAXIN वैक्सीन के चरण तीन परीक्षणों में 27,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया है। COVAXIN दो खुराक में दिया जाता है। खुराक के बीच का समय अंतराल चार सप्ताह है। COVAXIN को मृत COVID-19 वायरस से तैयार किया गया था।

COVISHIELD

  • COVISHIELD वैक्सीन एस्ट्राज़ेनेका द्वारा निर्मित है। स्थानीय रूप से, COVISHIELD सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया द्वारा निर्मित किया जा रहा है। यह चिम्पांजी के एडेनोवायरस नामक एक सामान्य कोल्ड वायरस के कमजोर संस्करण से तैयार किया गया था। COVID-19 वायरस की तरह दिखने के लिए वायरस को संशोधित किया गया है। यह दो खुराक में लगाया जाता है।

 स्पुतनिक वी (Sputnik V)

  • इसे मॉस्को में गैम्लेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी (Gamleya Research Institute of Epidemiology and Microbiology) द्वारा विकसित किया गया था।
  • यह दो खुराक वाला टीका है। हालांकि, हाल ही में रूस में स्पुतनिक वी के एकल खुराक टीके का उत्पादन किया गया है। इसे स्पुतनिक लाइट सिंगल डोज कहा जाता है। भारत केवल डबल खुराक स्पुतनिक वी का इस्तेमाल कर रहा है।
  • जबकि COVISHIELD एक कमजोर सामान्य एडेनोवायरस से बनाया गया है जो चिंपैंजी को प्रभावित करता है, स्पुतनिक वी को विभिन्न मानव एडेनोवायरस का उपयोग करके बनाया गया है।

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