15 जनवरी : थल सेना दिवस

भारत में 15 जनवरी को थल सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस के अवसर देश की रक्षा में कार्यरत्त तथा शहीद बहादुर जवानों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्ति किया जाता है।

15 जनवरी को ही थल सेना दिवस क्यों मनाया जाता है?

फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने 15 जनवरी, 1949 को जनरल सर फ्रांसिस बुचर (भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ) से भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ का कार्यभार ग्रहण किया था, इसलिए 15 जनवरी को थल सेना दिवस मनाया जाता है।

14 जनवरी : सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस

प्रतिवर्ष 14 जनवरी को सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस (Armed Forces Veterans’ Day) मनाया जाता है। इस दिवस को 2017 से मनाया जा रहा है। पहले इस दिवस को युद्धविराम दिवस कहा जाता था। प्रतिवर्ष 14 जनवरी को सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाने का कारण यह है कि इसी दिवस भारतीय सशस्त्र बल के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा सेवानिवृत्त हुए थे।

भारतीय थल सेना

ईस्ट इंडिया कंपनी की सरकार के अंतर्गत सैन्य विभाग में 1776 में भारतीय थल सेना की शुरुआत हुई है। भारतीय सेना का आदर्श वाक्य “स्वपूर्व सेवा” है। भारतीय थल सेना बाहरी तथा अन्तरिक्ष खतरों से देश की रक्षा करती है तथा देश की सीमाओं को सुरक्षित रखते हुए देश में शांति सुनिश्चित करती है। भारतीय थल सेना में 12 लाख से अधिक सक्रीय सैनिक कार्यरत्त हैं।

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