24 मार्च : असम राइफल्स का स्थापना दिवस (Raising Day of Assam Rifles)

24 मार्च असम राइफल्स स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस बार असम राइफल्स का 187वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। असम राइफल्स भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है। इसकी शुरुआत यह ब्रिटिश राज के तहत 1835 में हुई थी।

असम राइफल्स के बारे में 5 रोचक तथ्य

1.  यह दोहरी नियंत्रण संरचना वाला एकमात्र अर्धसैनिक बल असम राइफल्स है। इसका मतलब है कि इसका नियंत्रण भारतीय सेना के पास है, जबकि इसका वेतन और बुनियादी ढांचा गृह मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है।

2. वर्तमान में, 65,143 कर्मियों की स्वीकृत संख्या के साथ असम राइफल्स की 46 बटालियन हैं।

3. असम राइफल्स ने प्रथम विश्व युद्ध सहित कई संघर्षों में काम किया है, जहां असम राइफल्स ने मध्य पूर्व और यूरोप में सेवाएं दीं। जबकि द्वितीय विश्व युद्ध में असम राइफल्स ने मुख्य रूप से बर्मा में सेवाएं दीं।

4. यह देश का सबसे पुराना अर्द्धसैनिक बल है, इसकी शुरुआत 1835 में हुई थी।

5. असम राइफल्स का आदर्श वाक्य Sentinels of the North East है।

असम राइफल्स (Assam Rifles)

असम राइफल्स भारत का सबसे पुराना अर्द्धसैनिक बल (paramilitary force) है। इसका गठन ब्रिटिश राज में वर्ष 1835 में किया गया था। पहले इसका नाम Cachar Levy हुआ करता था। 1917 में असम राइफल्स नाम रखा गया। इसका आदर्श वाक्य ‘उत्तर-पूर्व के प्रहरी’ (Sentinels of the North East) है। यह केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, जबकि इसकी पैरेंट एजेंसी भारतीय सेना है। असम राइफल्स का मुख्यालय शिलोंग में है।

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