AUKUS: हाइपरसोनिक हथियारों पर सहयोग करेंगे सदस्य देश

ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका रक्षा क्षमता बढ़ाने और हाइपरसोनिक मिसाइल हमलों को ध्यान में रखते हुए सहयोग करना शुरू कर देंगे, क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी चीन और रूस अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्य बिंदु 

  • तीनों देशों ने हाल ही में AUKUS के रक्षा गठबंधन के विस्तार के रूप में हाइपरसोनिक मिसाइलों पर अपने सहयोग की घोषणा की।
  • इस रक्षा गठबंधन के तहत ऑस्ट्रेलिया को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों से लैस किया जाएगा ताकि वे चीन के बढ़ते सैन्य दबदबे का मुकाबला कर सकें।
  • तीनों देश हाइपरसोनिक और काउंटर-हाइपरसोनिक मिसाइलों के क्षेत्र में काम करने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध की क्षमताओं को बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं।

इस सहयोग का कारण

रूस वर्तमान में हाइपरसोनिक मिसाइलों के क्षेत्र में सबसे आगे है और चीन भी अपनी क्षमताओं को बढ़ा रहा है। इसका मुकाबला करने के लिए, AUKUS इस क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एकजुट हो गया है।

हाइपरसोनिक मिसाइल (Hypersonic Missiles)

हाइपरसोनिक मिसाइल एक प्रकार की हथियार प्रणाली है जो मैक 5 की गति से उड़ान भर सकती है। इस मिसाइल की गतिशीलता क्षमता इसे बैलिस्टिक मिसाइल से अलग करती है। एक बैलिस्टिक मिसाइल एक निर्धारित प्रक्षेपवक्र (trajectory) का अनुसरण करती है जबकि हाइपरसोनिक मिसाइलों को एक टारगेट को नष्ट करने के लिए पैंतरेबाज़ी (manoeuvre) की जा सकती है। इस मिसाइल की पैंतरेबाज़ी क्षमता इसे रोकना मुश्किल बनाती है और ये परमाणु के साथ-साथ पारंपरिक हथियार भी ले जा सकती है।

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