CORBEVAX को क्लिनिकल परीक्षण के लिए DCGI की मंजूरी मिली

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने दो नैदानिक ​​​​परीक्षणों के लिए CORBEVAX नामक एक अन्य स्वदेशी COVID-19 वैक्सीन उम्मीदवार को मंजूरी दी।

मुख्य बिंदु 

  • वैक्सीन निर्माता बायोलॉजिकल ई को 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों पर चरण दो और तीन नैदानिक ​​परीक्षण करने की मंजूरी मिली है।
  • बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) और बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) ने प्रीक्लिनिकल स्टेज से लेकर फेज- III क्लिनिकल स्टडीज तक, बायोलॉजिकल ई के COVID-19 वैक्सीन कैंडिडेट का समर्थन किया है।
  • इस वैक्सीन को ‘मिशन COVID सुरक्षा’ के तहत वित्तीय सहायता और राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन, BIRAC के माध्यम से COVID-19 रिसर्च कंसोर्टिया के तहत वित्तीय सहायता मिली है ।

कॉर्बेवैक्स वैक्सीन (Corbevax Vaccine)

इस वैक्सीन को BioE COVID-19 वैक्सीन भी कहा जाता है। इस COVID-19 वैक्सीन उम्मीदवार को भारतीय बायोफार्मास्युटिकल फर्म बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड (BioE) ने अमेरिका में बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन, ह्यूस्टन और अमेरिकी कंपनी डायनावैक्स टेक्नोलॉजीज (DVAX) के सहयोग से विकसित किया है। यह वैक्सीन एक प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय जून, 2021 में पहले ही कॉर्बेवैक्स की 30 करोड़ खुराक का ऑर्डर दे चुका है।

इस वैक्सीन की फंडिंग कौन कर रहा है?

यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (DFC) ने अप्रैल, 2021 में BioE की विनिर्माण क्षमताओं के विस्तार के लिए वित्त पोषण की घोषणा की ताकि 2022 के अंत तक कम से कम 1 बिलियन खुराक का उत्पादन किया जा सके।

पृष्ठभूमि

वैक्सीन उम्मीदवार की सुरक्षा और इम्युनोजेनेसिटी का मूल्यांकन करने के लिए 360 प्रतिभागियों में चरण I नैदानिक ​​​​परीक्षण किया गया था।इसका द्वितीय चरण का परीक्षण अप्रैल 2021 में संपन्न हुआ था। तीसरे चरण के नैदानिक ​​परीक्षण करने की अनुमति अप्रैल, 2021 में दी गई थी।

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