DefExpo के साथ भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता आयोजित की जाएगी

भारत ने 2 साल की अवधि में एक बार आयोजित होने वाली रक्षा प्रदर्शनी DefExpo के दौरान “भारत अफ्रीका रक्षा वार्ता” (India Africa Defence Dialogue) को संस्थागत बनाने का प्रस्ताव दिया है।

मुख्य बिंदु 

  • भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता के संस्थानीकरण से अफ्रीकी देशों और भारत के बीच मौजूदा साझेदारियों के निर्माण में मदद मिलेगी।
  • यह प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव के लिए अभिसरण के नए क्षेत्रों की खोज करने में भी मदद करेगा।
  • भारत ने यह भी निर्णय लिया है कि मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान (Manohar Parrikar Institute for Defence Studies & Analyses) भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता का ज्ञान भागीदार होगा। यह संस्थान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को आवश्यक सहायता प्रदान करने में सहायता करेगा।
  • इसके अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह DefExpo के साथ-साथ भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता के अगले संस्करण में “अफ्रीकी राष्ट्रों के रक्षा मंत्री” की मेजबानी करेंगे।
  • अगला DefExpo मार्च, 2022 में गांधीनगर, गुजरात में आयोजित किया जायेगा।

थीम

भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता की थीम : ‘India – Africa: Adopting Strategy for Synergizing and Strengthening Defence and Security Cooperation’ है।

पृष्ठभूमि

पहली बार भारत अफ्रीका रक्षा मंत्री कॉन्क्लेव (IADMC) 6 फरवरी, 2020 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में DefExpo के संयोजन में आयोजित किया गया था। यह रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था। यह कॉन्क्लेव भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन IV के क्रम में मंत्रिस्तरीय स्तर पर अखिल अफ्रीका कार्यक्रमों की श्रृंखला में पहला था। इस कॉन्क्लेव के दौरान, ‘लखनऊ घोषणा’ नामक एक संयुक्त घोषणा को कॉन्क्लेव के परिणाम दस्तावेज़ के रूप में अपनाया गया था।

भारत-अफ्रीका संबंध (India-Africa Relations)

भारत और अफ्रीका के बीच घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों की नींव ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ नामक दो मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है।

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