DRDO बनाएगा 6 नए ‘एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल प्लेन’ (AEW&C)

भारत ने वायुसेना की निगरानी क्षमता में सुधार करने के लिए 6 नए ‘एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल प्लेन’ (AEW&C) का निर्माण करने का फैसला लिया है। इस विमानों का निर्माण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया जायेगा। इन विमानों की सहायता से भारतीय वायुसेना चीन और पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा की निगरानी को और बेहतर तरीके से कर सकेगी।

मुख्य बिंदु

गौरतलब है कि इन विमानों के लिए नए विमान बनाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि एयर इडिया के एयरक्राफ्ट में कुछ बदलाव किये जायेंगे और उनमे कुछ एक उपकरण लगाये जायेंगे। इसके लिए एयर इंडिया के 6 A320 विमानों का उपयोग किया जायेगा। यह कार्य 10,500 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा। इस कार्य से स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। पिछले कुछ समय से सरकार रक्षा उद्योग के स्वदेशीकरण पर बल दे रही है।

इन विमानों ने राडार लगाया जायेगा, जिससे भारतीय वायुसेना को 360 डिग्री निगरानी क्षमता प्राप्त होगी।  इन विमानों को चीन और पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा के निकट तैनात किया जाएगा, ताकि इन क्षेत्रों की निगरानी और कुशलता से हो सके।

पृष्ठभूमि

सीमा पर हवाई निगरानी के लिए भारतीय वायु सेना ने इज़राइल और रूस से तीन PHALCON AWACS सिस्टम खरीदे हैं। इसके लिए रडार इजरायल ने प्रदान किया था। इसके अवाला निगरानी के लिए भारतीय वायुसेना 2 ‘नेत्र’ नामक विमानों का उपयोग भी करती है, इनका निर्माण भी DRDO ने ही किया था। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत ने और अधिक ‘एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल प्लेन’ (AEW&C) की आवश्यकता महसूस की थी।

 

Categories:

Tags: , , , , , , , ,

« »

Advertisement

Comments