ESA ने शुक्र ग्रह का अध्ययन करने के लिए ‘EnVision’ ऑर्बिटर की घोषणा की

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा ग्रह पर दो मिशन भेजने के निर्णय के बाद यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency – ESA) ने शुक्र ग्रह (Venus) का अध्ययन करने के लिए ‘एनविज़न’ (EnVision) नामक अपनी प्रोब की घोषणा की है।

एनविज़न (EnVision)

  • एनविज़न (EnVision) शुक्र ग्रह के ऊपर चक्कर लगाने वाला अगला ऑर्बिटर होगा। यह शुक्र ग्रह के आंतरिक कोर से ऊपरी वायुमंडल तक ग्रह का समग्र दृश्य (holistic view) प्रदान करेगा।
  • यह पता लगाएगा कि कैसे और क्यों शुक्र और पृथ्वी इतने अलग-अलग विकसित हुए। गौरतलब है कि नासा के दाविन्ची+ (DAVINCI+) और वेरिटास (VERITAS) मिशन शुक्र ग्रह के वातावरण में प्रवेश करेंगे।
  • ESA 2030 तक अपने प्रोब को लांच करेगा।

शुक्र ग्रह वैज्ञानिकों को क्यों आकर्षित कर रहा है?

आंतरिक सौर मंडल में शुक्र ग्रह पृथ्वी का निकटतम पड़ोसी है। यह आकार और संरचना में पृथ्वी के समान है। इसके बावजूद दोनों ग्रहों का अलग-अलग विकास हुआ है। शुक्र ग्रह, पृथ्वी की तरह रहने योग्य नहीं है, लेकिन इसने गंभीर जलवायु परिवर्तन देखे हैं। इसने एक जहरीला वातावरण विकसित किया है जो घने सल्फ्यूरिक एसिड युक्त बादलों से घिरा हुआ है।

EnVision किस प्रकार का अध्ययन करेगा?

ऑर्बिटर एनविजन (Orbiter Envision) में एक साउंडर लगा होगा जो अंडरग्राउंड लेयरिंग का अध्ययन करेगा और इसका स्पेक्ट्रोमीटर वायुमंडल और सतह का अध्ययन करेगा। स्पेक्ट्रोमीटर वायुमंडल में ट्रेस गैसों की निगरानी करेगा और सतह की संरचना का विश्लेषण करेंगा  और किसी भी बदलाव की तलाश करेंगे जो सक्रिय ज्वालामुखी के संकेतों से जुड़ा हो सकता है। ऑर्बिटर पर एक रेडियो विज्ञान प्रयोग शुक्र ग्रह की आंतरिक संरचना और गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र की जांच करेगा।

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