GST दरों को युक्तिसंगत बनाएगा मंत्रियों का समूह (GoM)

सरकार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज एस. बोम्मई की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक समूह (GoM) को कर दरों के युक्तिकरण का प्रस्ताव देने और दो महीने के भीतर विभिन्न कर स्लैब के विलय पर विचार करने का काम सौंपा है।

मुख्य बिंदु 

  • इस कदम के साथ, सरकार वस्तु व सेवा कर व्यवस्था के तहत कई कर दरों में बदलाव के लिए मंच तैयार करना चाहती है।
  • वर्तमान में, GST शासन में पांच व्यापक कर स्लैब हैं, शून्य, 5%, 12%, 18% और 28%।
  • इसके अलावा, कुछ सामानों पर 28% की दर से अधिक उपकर लगाया जाता है और कीमती पत्थरों और हीरे जैसी वस्तुओं के लिए विशेष दरें तय की जाती हैं।

पृष्ठभूमि

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 17 सितंबर को GST परिषद की बैठक के बाद राजस्व बढ़ाने के लिए दो GoM स्थापित करने की घोषणा की थी। इनमे से एक पैनल  विसंगतियों को ठीक करने के लिए कर दर युक्तिकरण के मुद्दों पर काम करेगा। इस बैठक के दौरान, वित्त मंत्री ने संकेत दिया था कि GST के तहत प्रभावी कर की दर मूल राजस्व तटस्थ दर 15.5% से घटकर 11.6% हो गई है।

सात सदस्यीय समूह

वित्त मंत्रालय द्वारा 24 सितंबर को सात सदस्यीय समूह का गठन किया गया था। इस समूह का नेतृत्व बासवराज बोम्मई कर रहे हैं और इसमें पश्चिम बंगाल के पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा और केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल के अलावा गोवा, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान से GST परिषद के सदस्य शामिल हैं। इस समूह को तत्काल बदलाव की सिफारिश करने और GST  दर संरचना में अल्पकालिक और मध्यम अवधि के बदलाव के लिए एक रोडमैप की सिफारिश करने के लिए कहा गया है।

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