ILO और UNICEF ने बाल श्रम (Child Labour) पर रिपोर्ट जारी की

हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और UNICEF ने संयुक्त रूप से बाल श्रम पर रिपोर्ट प्रकाशित की। इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में दो दशकों में बाल श्रम में वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • इस रिपोर्ट पर प्रकाश डाला गया है कि कोरोनावायरस संकट लाखों बच्चों को बाल श्रम की ओर धकेल सकता है।
  • 2020 तक, बाल श्रमिकों की संख्या 160 मिलियन है।चार साल में इसमें 4 मिलियन की वृद्धि हुई है।
  • कोविड -19 महामारी की चपेट में आने से यह संख्या बढ़ने लगी है।
  • कोविड -19 महामारी के बीच, विश्व स्तर पर 10 में से 1 बच्चा बाल श्रम में कार्यरत्त है।
  • उप-सहारा अफ्रीका सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र है।
  • लड़कों के प्रभावित होने की संभावना अधिक होती है। 2020 की शुरुआत में बाल श्रम में संलग्न 160 मिलियन बच्चों में से 97 मिलियन लड़के हैं।
  • खतरनाक काम करने वाले 5 से 17 साल के बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है।लगभग 79 मिलियन बच्चे खतरनाक कार्यों में कार्यरत्त हैं। यह बच्चे के विकास, शिक्षा या स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

चिंताएं

ILO और UNICEF ने चेतावनी दी है कि यदि गरीबी में जाने वाले परिवारों की संख्या में कमी नहीं की गई, तो अगले दो वर्षों में लगभग 50 मिलियन और बच्चे बाल श्रम के लिए मजबूर हो सकते हैं।

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