RBI की मौद्रिक नीति समिति ने प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया

10 फरवरी, 2022 को RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) ने प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा। इसने केंद्रीय बजट 2022 के बाद अपनी पहली नीति में समायोजन का रुख बरकरार रखा।

मुख्य बिंदु 

  • यह लगातार दसवीं बार है जब MPC ने यथास्थिति बनाए रखी है।
  • तीन दिवसीय MPC बैठक 8 फरवरी को शुरू हुई और 10 फरवरी को समाप्त हुई।

MPC का अहम फैसला

  • MPC ने रेपो दर के साथ-साथ रिवर्स रेपो दर को क्रमशः 4% और 3.35% पर अपरिवर्तित रखा है।
  • यह उच्च मुद्रास्फीति की पृष्ठभूमि में ‘समायोज्य’ रुख के साथ जारी रहा।
  • RBI ने वित्तीय वर्ष 2023 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.8% रहने का अनुमान लगाया है।
  • वित्तीय वर्ष 2022 में 9.2% की वास्तविक जीडीपी वृद्धि अर्थव्यवस्था को महामारी पूर्व स्तर से ऊपर ले जाएगी।
  • वित्त वर्ष 2022 के लिए CPI मुद्रास्फीति पूर्वानुमान 5.3% रखा गया है।
  • वित्त वर्ष 22 में चालू खाता घाटा जीडीपी के 2 प्रतिशत से नीचे था।
  • इसने ई-वाउचर की सीमा को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा।

मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee)

MPC भारत में बेंचमार्क ब्याज दर तय करने के लिए जिम्मेदार है। इसकी साल में कम से कम 4 बार बैठकें होती थीं। ऐसी प्रत्येक बैठक के बाद इसके निर्णय प्रकाशित किए जाते हैं। इस समिति में छह सदस्य होते हैं:

  • RBI के 3 अधिकारी
  • भारत सरकार द्वारा मनोनीत 3 बाहरी सदस्य।
  • RBI के गवर्नर MPC के पदेन अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं।

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