UAPA के तहत हुर्रियत समूहों (Hurriyat Groups) पर प्रतिबंध लगाया जायेगा

केंद्र सरकार हुर्रियत कांफ्रेंस (Hurriyat Conference) के दोनों धड़ों को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (Unlawful Activities Prevention Act – UAPA) के तहत आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है।

मुख्य बिंदु 

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency – NIA द्वारा पाया गया कि हुर्रियत से जुड़े संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में आतंक के लिए धन जुटाया था।
  • अधिकारियों के अनुसार, NIA  पाकिस्तान में संस्थानों द्वारा कश्मीरी छात्रों को आवंटित की जा रही MBBS सीटों की जांच कर रही है। यह पाया गया कि, कुछ संगठनों द्वारा उम्मीदवारों से एकत्र किए गए धन को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए भेजा गया था।
  • यह UAPA की धारा 3(1) के तहत हुर्रियत गुटों पर प्रतिबंध लगाने के लिए पर्याप्त आधार बन गया है।

हुर्रियत समूह 

हुर्रियत संगठन 1993 में अस्तित्व में आया। यह 26 समूहों का एक संगठन था। इसमें पीपल्स कांफ्रेंस (People’s Conference) और अवामी एक्शन कमेटी (Awami Action Committee) भी शामिल थी। वर्ष 2005 में, यह दो गुटों में बंट गया :

  1. नर्म समूह – इसका नेतृत्व मीरवाइज ने किया
  2. कट्टरपंथी- इसकी अध्यक्षता गिलानी ने की

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency – NIA)

NIA भारत में आतंकवाद निरोधी टास्क फोर्स है। इसे राज्यों से किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता के बिना आतंकवाद से संबंधित अपराधों से निपटने का अधिकार है। यह 31 दिसंबर, 2008 को मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले के बाद संसद द्वारा अधिनियमित राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत स्थापित की गयी थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसकी शाखाएं गुवाहाटी, हैदराबाद, लखनऊ, कोच्चि, मुंबई, कोलकाता, रायपुर और जम्मू में हैं।

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (Unlawful Activities (Prevention) Act – UAPA)

UAPA एक भारतीय कानून है जिसे भारत में गैरकानूनी गतिविधियों के संघों को रोकने के उद्देश्य से अधिनियमित किया गया था। UAPA का मुख्य उद्देश्य भारत की अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों से निपटने के लिए शक्तियां उपलब्ध कराना था।

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