भारतीय विनिर्माण बैरोमीटर 2019 रिपोर्ट : मुख्य बिंदु

फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने भारतीय विनिर्माण बैरोमीटर 2019 रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट को उन कंपनियों के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार किया गया है जिनका योगदान विनिर्माण सकल घरेलु उत्पाद में लगभग 12% है। इसमें ऑटोमोबाइल, रसायन, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण, लेदर, फार्मास्यूटिकल तथा कपडा सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।

मुख्य बिंदु

  • अगले 12 महीने में घरेलु बाज़ार, टेक्नोलॉजी तथा निवेश के विस्तार से भारत में काफी तीव्र गति से विकास होगा।
  • इस सर्वेक्षम में शामिल 74% कंपनियों का मत है कि अगले एक वर्ष में सेक्टर की विकास दर में वृद्धि होगी।
  • इस सर्वेक्षम में शामिल 58% कंपनियों के मत है कि सेक्टर में कम से कम 5% की वृद्धि होगी।
  • घरेलु बाज़ार के अनुकूल होने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.3-7.7% के बीच रह सकती है।

भारत को लोजिस्टिक्स सेक्टर में कार्य करने की आवश्यकता है। भारत में लोजिस्टिक्स की लागत कुल लागत का 15% हिस्सा होती है, जबकि जापान में यह लागत 10% होती है। लोजिस्टिक्स की लागत कम होने के कारण विनिर्माण क्षेत्र को काफी लाभ होगा।

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