आर्थिक एवं वाणिज्यिक करेंट अफेयर्स

इस श्रेणी में हिन्दी भाषा में आर्थिक एवं वाणिज्यिक करेंट अफेयर्स एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.12 अरब डॉलर की कमी आई

8 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.12 अरब डॉलर की कमी आई है, अब यह भंडार 398.12 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। इससे पिछले सप्ताह विदेश मुद्रा भंडार 400.24 अरब डॉलर पर पहुँच गया था।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों ,सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

दिसम्बर 2018 में विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $370.98बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $ 22.69 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $ 1.46 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $ 2.99 बिलियन

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गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस तथा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने MoU पर हस्ताक्षर किये

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस तथा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने MoU पर हस्ताक्षर किये। इस MoU का उद्देश्य ई-मार्केटप्लेस में उचित व प्रतिस्पर्धात्मक माहौल सुनिश्चित करना है।

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस

यह एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जहाँ पर विभिन्न सरकारी विभाग व एजेंसियां अपनी आवश्यकता की वस्तुएं व सेवाएं खरीद सकती हैं। इससे सरकारी विभागों वस्तुओं की खरीद में पारदर्शिता, कैशलेस व पेपरलेसनेस को बढ़ावा मिलेगा। इससे वस्तुओं की खरीद पर सरकारी व्यय में बचत भी होगी। इसे अगस्त, 2018 में लांच किया गया था, अब तक इस प्लेटफार्म पर मूल्य के मामले में 10,800 करोड़ रुपये तथा लेनदेन के मामले में 6.96 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया गया है। GeM प्लेटफार्म पर 1.35 विक्रेता मौजूद हैं जो 4.43 लाख वस्तुओं का विक्रय करते हैं।  इस प्लेटफार्म पर लगभग 26,500 क्रेता संगठन मौजूद हैं।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India)

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग एक अर्ध-न्यायिक संवैधानिक संस्था है, इसकी स्थापना प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत की गयी थी। इसकी स्थापना अक्टूबर, 2003 में हुई थी, इसने मई, 2009 में पूर्ण रूप से कार्य करना शुरू किया था। प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के अनुसार इस आयोग का एक अध्यक्ष तथा न्यूनतम दो तथा अधिकतम 6 सदस्य होंगे। वर्तमान में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के 4 सदस्य तथा एक अध्यक्ष हैं। यह आरम्भ से कॉलेजियम के रूप में कार्य कर रहा है। यह आयोग कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा को बुरे तरीके से प्रभावित करने वाले कारकों को रोकथाम, ग्राहकों के हितों की सुरक्षा तथा मुक्त व्यापार सुनिश्चित करना है। यह किसी संवैधानिक संस्था को प्रतिस्पर्धा सम्बन्धी मामले में अपनी राय भी प्रदान करता है। यह आयोग प्रतिस्पर्धा सम्बन्धी मामले में जागरूकता फैलाने का कार्य भी करता है।

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चीन में भारत का निर्यात रिकॉर्ड उच्च स्तर पर

वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान चीन में भारत के निर्यात सबसे उच्चतम स्तर पर पहुँचने का अनुमान लगाया जा रहा है। चीन में भारतीय निर्यातों की वृद्धि का प्रमुख कारण अमेरिका और चीन के बीच का विवाद है। इससे भारत से समुद्री उत्पादों, जैविक रसायन, प्लास्टिक, पेट्रोलियम उत्पाद, अंगूर तथा चावल इत्यादि के निर्यात में काफी वृद्धि हुई है।

मुख्य बिंदु

इस वित्त में चीन में भारत का निर्यात सबसे उच्चतम पर पहुँचने का अनुमान लगाया जा रहा है। अप्रैल से दिसम्बर के बीच भारत ने चीन को 12.7 अरब डॉलर का निर्यात किया, यह पिछले वर्ष के निर्यात 13.33 अरब डॉलर के काफी करीब है।

व्यापार घाटे को कम करने के लिए अभी चीनी बाज़ार में भारत को विस्तार के लिए काफी प्रयास की ज़रुरत है। 2017-18 के दौरान चीन के साथ भारत का व्यापारिक घाटा 63 अरब डॉलर था। यह 63 अरब डॉलर भारत के कुल व्यापार घाटे के एक तिहाई हिस्सा है। 2017-18 के दौरान भारत से चीन को 13.3 अरब डॉलर का निर्यात किया गया जबकि भारत ने चीन से 76.38 अरब डॉलर का आयात किया।

व्यापार घाटे के लिए निम्नलिखित कदम उठाये गये हैं :

  • चीन ने भारत के साथ चावल, मछली तथा तम्बाकू के आयात के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
  • 2019 के लिए चीन द्वारा चीनी और चावल के आयात की घोषणा किये जाने का अनुमान है, इससे भारत से चीन को किये जाने वाले निर्यात में वृद्धि के आसार है।
  • भारत चीन के साथ सोयाबीन, केक, अनार के निर्यात के लिए समझौते पर हस्ताक्षर कर सकता है।

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