करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धारवाड़ में IIT की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान धारवाड़ में IIT संस्थान की आधारशिला रखी। IIT धारवाड़ का मौजूदा कैंपस WALMI (जल व भूमि प्रबंधन संस्थान) के कैंपस में कार्य कर रहा है। IIT धारवाड़ के स्थायी कैंपस के लिए कर्नाटक सरकार ने 470 एकड़ भूमि प्रदान की है।

IIT धारवाड़

IIT धारवाड़ की स्थापना केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2016 में की थी। IIT धारवाड़ में शैक्षणिक गतिविधियाँ जुलाई, 2016 में बी.टेक कोर्स के साथ शुरू हुई। शुरू में यह यह बी.टेक कोर्स कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रदान किया गया। जनवरी, 2018 के सत्र में IIT धारवाड़ में पीएचडी कार्यक्रम की शुरुआत हुई। बहुत जल्द इस IIT में मास्टर्स कार्यक्रम भी शुरू किये जायेंगे।

IIT धारवाड़ का मौजूदा कैंपस WALMI (जल व भूमि प्रबंधन संस्थान) के कैंपस में कार्य कर रहा है। IIT धारवाड़ के स्थायी कैंपस के लिए कर्नाटक सरकार ने 470 एकड़ भूमि प्रदान की है।

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नयी विदेशी ऋण नीति

भारतीय रिज़र्व बैंक ने विदेशों से ऋण लेने के लिए नयी नीति शुरू है, इस नीति की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं :

  • नयी नीति के तहत योग्य ऋण लेने वाले एक्सटर्नल कमर्शियल बोर्रोविंग के तहत प्रति वित्त वर्ष 750 मिलियन डॉलर तक का ऋण ले सकते हैं।
  • एक्सटर्नल कमर्शियल बोर्रोविंग के फ्रेमवर्क को उदार बनाने तथा रुपये में बांड ट्रैक्स I व II का विलय “विदेशी मुद्रा बाह्य वाणिज्यिक ऋण” में कर दिया गया है।
  • सभी बाह्य वाणिज्यिक ऋण के लिए न्यूनतम औसत मैच्योरिटी अवधि को तीन वर्ष रखा गया है।
  • योग्य ऋण लेने वालों की सूची का विस्तार किया गया है, इसमें उन सभी इकाइयों को शामिल किया गया है जो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त कर सकती हैं।
  • नई नीति के तहत पोर्ट ट्रस्ट, SEZ इकाईयां, SIDBI, EXIM बैंक, सूक्ष्म वित्त गतिविधियों में शामिल पंजीकृत इकाईयां, पंजीकृत सोसाइटी/ट्रस्ट/कोआपरेटिव तथा गैर-सरकार संगठन ऋण ले सकते हैं।
  • बाह्य वाणिज्यिक ऋण का उपयोग रियल एस्टेट गतिविधियों, पूँजी बाज़ार में निवेश, इक्विटी निवेश, कार्यशील पूँजी इत्यादि के लिए नहीं किया जा सकता है।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में विकास कार्यों के उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया, इनमे से प्रमुख विकास कार्य निम्नलिखित हैं :

डीडी अरुणप्रभा : अरुणाचल प्रदेश के लिए 24*7 सैटेलाइट चैनल

सेला सुरंग परियोजना

जोट में फिल्म व टेलीविज़न संस्थान

डीडी अरुण प्रभा

डीडी अरुण प्रभा दूरदर्शन द्वारा संचालित 24वां सैटेलाइट चैनल है। इस चैनल के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश की समृद्द परम्पराओं, स्थानीय संस्कृति की विविधता का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे उत्तर-पूर्वी भारत को शेष भारत से जोड़ने में सहायता मिलेगी। इससे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से सम्बंधित सामग्री प्रसारित की जाएगी। इस समाचार, यात्रा, पौराणिक कार्यक्रम, डाक्यूमेंट्री, टेलीफिल्म्स इत्यादि शामिल हैं।

डीडी अरुणप्रभा में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं। इसमें डिजिटल सैटेलाइट न्यूज़ गैदरिंग यूनिट भी शामिल है, इसके द्वारा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लाइव प्रसारण किया जा सकता है।

जोट में फिल्म व टेलीविज़न संस्थान

फिल्म व टेलीविज़न संस्थान के स्थायी कैंपस की स्थापना अरुणाचल प्रदेश के पापुम परे के  जोल्लांग-राकप (जोट) में की जायेगी। यह सूचना व प्रसारण मंत्रालय का तीसरा फिल्म व टेलीविज़न संस्थान होगा (दो अन्य संस्थान FTII पुणे तथा SRFTI कलकत्ता) हैं। यह उत्तर-पूर्व का पहला फिल्म व टेलीविज़न संस्थान है। इस संस्थान के द्वारा उत्तर-पूर्व के प्रतिभाशाली युवाओं को फिल्म व टेलीविज़न के क्षेत्र में करियर बनाने का मौका मिलेगा।

सेला सुरंग परियोजना

इस सुरंग का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा किया जाएगा। इस परियोजना की घोषणा केन्द्रीय बजट 2018 में अरुण जेटली ने की थी। इस परियोजना को 687 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जायेगा, यह परियोजना तीन वर्षों में पूरी हो जाएगी।

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