करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

नई दिल्ली में किया गया 6वीं भारतीय सामाजिक कार्य कांग्रेस का आयोजन

6वीं भारतीय सामाजिक कार्य कांग्रेस का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। इसका आयोजन राष्ट्रीय व्यवसायिक सामाजिक कार्यकर्ता संघ (NAPSWI) तथा सामाजिक कार्य विभाग (दिल्ली विश्वविद्यालय) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस सम्मेलन में डॉ. मार्था फेरेल को मरणोपरांत लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

मुख्य बिंदु

6वीं भारतीय सामाजिक कार्य कांग्रेस की थीम “मानव विकास तथा सामजिक समावेश: सामाजिक कार्य शिक्षा के लिए आवश्यक चीज़े” थी। इस सम्मेलन में स्थानीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

उद्देश्य :

  • इस सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए प्लेटफार्म प्रदान करना था।
  • सामाजिक न्याय तथा समावेश से सम्बंधित मुद्दों पर कार्य करना।
  • मानव विकास तथा सामाजिक न्याय के विभिन्न मुद्दों तथा समस्याओं के समाधान पर चर्चा।
  • सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा अनुभव साझा करना।

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इनफ़ोसिस पुरस्कार 2018: 6 प्रोफेसरों को विज्ञान व शोध के लिए दिया गया पुरस्कार

इनफ़ोसिस विज्ञान फाउंडेशन ने 10वीं वर्षगाँठ के अवसर पर इनफ़ोसिस पुरस्कार 2018 की घोषणा की। यह पुरस्कार 6 भिन्न-भिन्न श्रेणियों में प्रदान किया जायेगा। इन 6 पुरस्कारों के लिए 244 प्रविष्टियों में से विजेताओं को चुना गया, यह चुनाव वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों की 6 सदस्यीय जूरी द्वारा किया गया।

विजेताओं की सूची

इंजीनियरिंग व कंप्यूटर विज्ञान : नवकांत भट्ट

नवकांत भट्ट भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलुरु में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत्त हैं। उन्हें यह कार्य बायोकेमिस्ट्री  में बायो-सेंसर और गैसीय सेंसर में शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया। इससे मेटल-ऑक्साइड सेंसर के कार्य में वृद्धि होगी।

मानविकी : कविता सिंह

कविता सिंह जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ़ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स की डीन हैं। उन्हें यह पुरस्कार मुग़ल, राजपूत और दक्कन कला में कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।

जैव विज्ञान : रूप मलिक

वे टाटा आधारभूत अनुसन्धान संस्थान के जैव विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत्त है। उन्हें यह पुरस्कार मॉलिक्यूलर मोटर प्रोटीन में शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया।

गणित : नलिनी अनंतरमण

नलिनी अनंतरमण फ्रांस के स्ट्रासबर्ग विश्वविद्यालय में एडवांस्ड अध्ययन संस्थान में गणित की प्रोफेसर हैं। उन्हें “क्वांटम केओस” के क्षेत्र में कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।

भौतिक विज्ञान : एस,के. सतीश

एस.के. सतीश IISc बंगलुरु में महासागरीय तथा वायुमंडलीय विज्ञान केंद्र में प्रोफेसर हैं। उन्हें जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में उत्कृष्ट  कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

सामाजिक विज्ञान : सेंधिल मुल्लैनाथान

वे अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय में कम्प्यूटेशन व व्यवहारिक विज्ञान के प्रोफेसर हैं। उन्हें व्यावहारिक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।

इनफ़ोसिस पुरस्कार

इनफ़ोसिस पुरस्कार एक वार्षिक पुरस्कार है, यह पुरस्कार अनुसंधानकर्ताओं, वैज्ञानिकों, सामाजिक वैज्ञानिकों और इंजिनियरों को प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार इनफ़ोसिस विज्ञान फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है। यह पुरस्कार जैव विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग व कंप्यूटर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भौतिक विज्ञान और मानविकी के क्षेत्र में दिया जाता है। प्रत्येक विजेता को 22 कैरट का स्वर्ण पदक, एक प्रशस्ति प्रमाण पत्र तथा 100000 (72 लाख रुपये) डॉलर इनामस्वरुप दिए जाते हैं। यह भारत में वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में सबसे अधिक धनराशी वाला पुरस्कार है।

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सुभाषचंद्र बोस द्वारा ध्वजारोहण की 75वीं वर्षगाँठ पर केंद्र सरकार जारी करेगी 75 रुपये का सिक्का

केंद्र सरकार सुभाषचंद्र बोस द्वारा ध्वजारोहण की 75वीं वर्षगाँठ पर केंद्र सरकार 75 रुपये का सिक्का जारी करेगी। 30 दिसम्बर, 1943 को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल में तिरंगा झंडा फहराया था।

विशेषताएं

इस सिक्के का भार 35 ग्राम होगा, इसका निर्माण 50% चांदी, 40% ताम्बे तथा 5% निकल और जिंक से किया जायेगा। इस सिक्के पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस का चित्र अंकित किया जायेगा। इस पर हिंदी और अंग्रेजी में “प्रथम ध्वजारोहण दिवस” भी अंकित किया जायेगा।

सुभाष चन्द्र बोस

महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को ब्रिटिश भारत के कट्टक में हुआ था। आरंभ में वे कांग्रेस से जुड़े, 1938-39 के दौरान वे कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। बाद में कांग्रेस में मतभेद के कारण उन्होंने कांग्रेस से त्यागपत्र दिया तथा फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की। उन्होंने आजाद हिन्द फ़ौज के द्वारा देश को स्वतंत्र करने का प्रयास किया।

आजाद हिन्द फ़ौज की स्थापना 21 अक्टूबर, 1943 में सिंगापुर में की गयी थी। इसकी स्थापना निर्वासित भारतीयों द्वारा की गयी थी। इसकी स्थापना में रास बिहारी बोस की भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी। इसकी स्थापना नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के विचारों से प्रेरित होकर की गयी थी। यह एक सशस्त्र सेना थी, जिसका उद्देश्य भारत को ब्रिटिश नियंत्रण से मुक्त करना था। सुभाष चन्द्र बोस इस फ़ौज के सर्वोच्च कमांडर थे

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