करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

इंडियन हेल्थ फण्ड : टाटा ट्रस्ट और द ग्लोबल फण्ड ने टीबी और मलेरिया के शीघ्र निदान के लिए चार नवोन्मेषकों का चयन किया

टाटा ट्रस्ट और द ग्लोबल फण्ड ने टीबी और मलेरिया के शीघ्र निदान के लिए चार नवोन्मेषकों का चयन किया। तीन नवोन्मेषकों का चयन टीबी तथा एक नवोन्मेषक का चयन मलेरिया के शीघ्र निदान के लिए किया गया है।

मुख्य बिंदु

इन नवोन्मेषकों का चयन टीबी और मलेरिया रोग को समाप्त करने के लिए किया गया है। भारत सरकार ने देश से टीबी रोग को समाप्त करने के लिए 2025 की समय सीमा रखी है जबकि मलेरिया रोज़ की समाप्ति के लिए 2030 की समय सीमा निश्चित की गयी है। भारत में विश्व के 27% टीबी के मामले हैं, जबकि दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में 68% मलेरिया के मामले भारत में है।

इंडियन हेल्थ फण्ड

इंडियन हेल्थ फण्ड को टाटा ट्रस्ट ने द ग्लोबल फण्ड के सहयोग से 2016 में लांच किया गया था। इसका उद्देश्य भारत में इन्नोवेटर्स को संक्रामक रोग के समाधान के लिए प्रेरित करना है। इंडियन हेल्थ उन लोगों अथवा संस्थाओं को  सहायता करता है जो टीबी और मलेरिया जैसे रोग के निदान व उपचार के लिए सतत समाधान तैयार करते हैं।

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भारत-जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास “धर्म गार्डियन” 2018 का समापन हुआ

भारत और जापान के बीच 14 नवम्बर, 2018 को “धर्म गार्डियन” संयुक्त युद्ध अभ्यास का समापन हुआ। इस युद्ध अभ्यास का आयोजन मिजोरम के वेरेंटे में किया गया। इस युद्ध अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं ने आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए युद्ध अभ्यास किया।

धर्म गार्डियन 2018

इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में जंगली इलाके में युधाभ्यास किया गया। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटर-ओपेराबिलिटी को बढ़ावा देना, इससे सुरक्षा सम्बन्धी चुनौतियों के सामने करने के लिए समन्वय भी बेहतर बनाने में सहायता मिली। इस युद्ध अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं ने युद्ध की स्थिति के लिए अभ्यास किया तथा युद्ध के मध्यनज़र योजना निर्माण तथा उसके क्रियान्वयन का अभ्यास भी किया गया।

इस दौरान दोनों देशों से सुरक्षा विशेषज्ञों ने सेना के कार्य सम्बन्धी विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किये। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारत का प्रतिनिधित्व 6/1 गोरखा राइफल्स द्वारा किया, जबकि जापान का प्रतिनिधित्व जापानी थलीय सुरक्षा बल की 32 इन्फेंट्री रेजिमेंट द्वारा किया।

यह संयुक्त सैन्य अभ्यास से दोनों देशों के बीच आपसी सम्बन्ध बेहतर बनाने तथा आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने में काफी महत्वपूर्ण है। भारत और जापान के प्रगतिशील सबंधों में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

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इसरो ने सफलतापूर्वक लांच किया GSAT-29 संचार उपग्रह

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (ISRO) ने 14 नवंबर, 2018 को GSAT-29 संचार उपग्रह को सफलतापूर्वक लांच किया। इसे GSLV-Mk III द्वारा लांच किया गया। इस संचार उपग्रह का उपयोग जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्वी भारत में इन्टरनेट सेवाओं को सुधारने के लिए किया जायेगा।

GSLV-Mk III काफी भारी राकेट है, वर्तमान में इसरो भारी रॉकेट्स युक्त उड़ानों का परीक्षण कर रहा है। मिशन गगनयान के लिए इसरो सबसे भारी राकेट का विकास करेगा। मिशन गगनयान को 2022 में लांच किया जायेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

इसकी स्‍थापना 1969 में की गई। 1972 में भारत सरकार द्वारा ‘अंतरिक्ष आयोग’ और ‘अंतरिक्ष विभाग’ के गठन से अंतरिक्ष शोध गतिविधियों को अतिरिक्‍त गति प्राप्‍त हुई। ‘इसरो’ को अंतरिक्ष विभाग के नियंत्रण में रखा गया। 70 का दशक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में प्रयोगात्‍मक युग था जिस दौरान ‘भास्‍कर’, ‘रोहिणी”आर्यभट’, तथा ‘एप्पल’ जैसे प्रयोगात्‍मक उपग्रह कार्यक्रम चलाए गए।

80 का दशक संचालनात्‍मक युग बना जबकि ‘इन्सेट’ तथा ‘आईआरएस’ जैसे उपग्रह कार्यक्रम शुरू हुए। आज इन्सेट तथा आईआरएस इसरो के प्रमुख कार्यक्रम हैं। अंतरिक्ष यान के स्‍वदेश में ही प्रक्षेपण के लिए भारत का मज़बूत प्रक्षेपण यान कार्यक्रम है। इसरो की व्‍यावसायिक शाखा एंट्रिक्‍स, विश्‍व भर में भारतीय अंतरिक्ष सेवाओं का विपणन करती है। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की ख़ास विशेषता अंतरिक्ष में जाने वाले अन्‍य देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विकासशील देशों के साथ प्रभावी सहयोग है।

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