करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

भारत-फ्रांस के संयुक्त नौसैनिक अभ्यास वरुण -18 का आयोजित किया गया |

भारत-फ्रांस के संयुक्त नौसैनिक अभ्यास वरुण -18 को गोवा तट से अरब सागर में आयोजित किया गया । आम वैश्विक खतरों पर विचार करते हुए, अपने सशस्त्र बलों के बीच परिचालन-स्तर पर बातचीत करने और पारस्परिक सहयोग बढ़ाने के उपायों का पता लगाना इसका उद्देश्य था।

मुख्य तथ्य

वरुण -18 तीन सागर क्षेत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण पश्चिमी हिंद महासागर शामिल हैं। इस अभ्यास को तीन चरणों में आयोजित किया गया तथा इसमें एंटी-पनडुब्बी, वायु रक्षा और असममित सैन्य अभ्यास शामिल थे। अभ्यास का पहला चरण अरब सागर में आयोजित किया गया था। दूसरा चरण अप्रैल 2017 में बंगाल की खाड़ी में चेन्नई तट से और तीसरा मई 2018 में दक्षिण पश्चिमी हिंद महासागर में फ्रांस के ला रीयूनियन द्वीप के पास आयोजित किया गया था।

अभ्यास के इस संस्करण में फ्रांस की ओर से फ्रांसीसी पनडुब्बी और फ्रिगेट जीन डे विने की भागीदारी देखी गई। भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व विनाशक आईएनएस मुंबई द्वारा किया गया| त्रिभुज ने अपने अभिन्न हेलीकॉप्टर, आईएनएस पनडुब्बी कलवारी, पी 8-आई और डोर्नियर समुद्री पटर्र एयरक्राफ्ट के साथ, मिग 29 के लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल किया।

पृष्ठभूमि

भारत हिंद महासागर क्षेत्र में फ्रांस का प्रमुख भागीदार है। समुद्री सुरक्षा को भारत-फ्रांस की रक्षा और सुरक्षा नीति साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्राथमिकता दी गई है । भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना 1983 से नौसैनिक अभ्यास का आयोजन कर रही हैं। इन अभ्यासों को 2001 में वरुण के रूप में नामित किया गया था।अप्रैल 2017 में फ्रांसीसी तट पर इस वार्षिक द्विपक्षीय अभ्यास का आखिरी संस्करण आयोजित किया गया था। अब वरुण श्रृंखला के अभ्यासों से उम्मीद और जटिलता में वृद्धि हुई है और यह दोनों देशों की नौसेना बलों के बीच अंतर को बढ़ाने और एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्यकुशलताओं से सीखने का अवसर प्रदान करता है।

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पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में पर्यटन के विस्‍तार हेतु एयरबीएनबी द्वारा एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए गए |

परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह और डोनर मंत्रालय,कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन,केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) , पीएमओ, एनईसी एवं विभिन्‍न अन्‍य संगठनों के वरिष्‍ठ पदा‍धिकारियों की मौजूदगी में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) के तत्‍वावधान में चार सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए गए।
यह आजीविका से जुड़ी दो महत्‍वपूर्ण पहलों यथा पूर्वोत्‍तर ग्रामीण आजीविका परियोजना (एनईआरएलपी) और पूर्वोत्‍तर क्षेत्र सामुदायिक संसाधन प्रबंधन परियोजना (एनईआरसीओआरएमपी) से लिया गया है।

उद्देश्‍य

-भारत के पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में स्थित समस्‍त महत्‍वपूर्ण स्‍थानों पर आतिथ्‍य से जुड़े सूक्ष्‍म उद्यमियों को बढ़ावा देना है।
-एयरबीएनबी के साथ हुए एमओयू पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में निवास स्‍थान के और ज्‍यादा टिकाऊ विकल्‍प सृजित कर तथा आतिथ्य सेवा मानकों को बढ़ाकर इस क्षेत्र में अगले तीन वर्षों के दौरान यात्रियों की संख्‍या दोगुनी करने के लक्ष्‍य की प्राप्ति की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम होगा ।

एनईसी, एनईटीडीसी और एयरबीएनबी ने एमओयू के तहत निम्‍नलिखित बिन्‍दुओं पर सहमति जताई गई है

-एयरबीएनबी के वैश्विक प्‍लेटफॉर्म के जरिए पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में पर्यटन का विस्‍तार करना।
-पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में अवस्थित विभिन्‍न निवास स्‍थानों पर उपलब्‍ध सुविधाओं और विशिष्‍ट संपत्तियों की गुणवत्‍ता बढ़ाना।
-पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में उल्‍लेखनीय पर्यटन संसाधनों को मुहैया कराने के साथ-साथ प्रोत्‍साहित करना।
-पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में घरों को साझा करने से जुड़े नियामकीय माहौल को बेहतर करने के लिए आपस में सहयोग करना।

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रेलवे ने म्यांमार के लिए 18 रेल इंजन तैयार करके सौंपे |

रेलवे ने म्यांमार के लिए तय वक्त से छह माह पहले ही 18 रेल इंजन तैयार करके सौंप दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रेल राज्यमंत्री गोहेन ने म्यांमार में इन रेल इंजनों को वहां की सरकार के सुपुर्द किया।

मुख्य तथ्य

-ये आधुनिक इंजन 100 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन को ले जा सकते हैं। इसमें कई और अत्याधुनिक फीचर भी जोड़े गए हैं।
-इन रेल इंजनों को वाराणसी स्थित राइट्स लिमिटेड के डीजल लोकोमोटिव में तैयार किया गया है। वहां की सरकार ने अब भारत सरकार के उस प्रस्ताव में भी रुचि दिखायी है, जिसमें भारतीय रेलवे की ओर से वहां के रेलवे अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम की पेशकश की |
-इन इंजनों की डिलीवरी इस साल सितंबर में की जानी थी लेकिन रेलवे ने छह माह पहले ही इन इंजनों को तैयार करके वहां की सरकार को सौंप दिया।

राइट्स लिमिटेड

राइट्स लिमिटेड, सरकार का एक उपक्रम है जिसे भारतीय रेल के तत्वावधान में 1974 में स्थापित किया गया था | इसको कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत देश में एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में सम्मिलित किया गया है तथा यह एक निदेशक मंडल द्वारा संचालित है, इंजीनियरिंग और प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्ति भी शामिल हैं. राइट्स लिमिटेड, एक आईएसओ 9001-2008 कंपनी परिवहन, इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और संबंधित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बहु-वि‍धा परामर्शी संगठन है.

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