करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

धरुन अयासामी ने 400 मीटर बाधा दौड़ में बनाया राष्ट्रीय रेकॉर्ड

तमिलनाडु के एथलीट धरुन अयासामी (21 वर्षीय) ने रन एडम फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आखिरी दिन गुरुवार को पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में 11 वर्ष पुराना राष्ट्रीय रेकॉर्ड तोड़ते हुए अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वॉलिफाई किया। रियो ओलिंपिक में भारत 4 गुणा 400 मीटर रिले टीम का हिस्सा रहे अयासामी ने 2007 में ओसाका में बनाए गए जोसफ अब्राहम के राष्ट्रीय रेकॉर्ड 49.51 सेकंड को तोड़ते हुए 49.45 सेकंड के समय में निकाला।

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वॉलिफाई करने हेतु 400 मीटर बाधा दौड़ में भारतीय एथलेटिक्स संघ (एएफआई) द्वारा 49.45 सेकंड की सीमा रखी गई है ।

Tags: , , , ,

Categories:

प्रधानमंत्री ने राजस्‍थान के झुंझुनू से राष्ट्रीण पोषण मिशन का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 8 मार्च को देश के 640 जिलों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के विस्तार के साथ ही राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरूआत की . उन्‍होंने कहा कि करीब 9 हजार करोड़ रुपये की लागत से पोषण मिशन योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

राष्ट्रीय पोषण मिशन की जरूरत क्यों?

-10 वर्ष पहले जब राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आँकड़े सामने आए, तो पता लगा कि देश के लगभग आधे बच्चे कुपोषित हैं। फिर भी सर्वेक्षण के चैथे भाग में आँकड़े कुछ बेहतर दिखाई दिए, परंतु मंजिल काफी दूर थी।
-इस दौरान कुपोषण से जूझने के लिए सरकार के पास एक ही विकल्प था- बाल विकास एकीकृत योजना (Integrated Child Development Services Scheme – ICDS)। विश्व के इस सबसे बड़े सामाजिक कार्यक्रम ने पिछले 41 वर्ष में मातृत्व एवं बाल कुपोषण पर विजय नहीं पाई।
-UPA सरकार ने ICDS को सफल बनाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाई। NDA सरकार ने कुपोषण से निपटने का भार राज्यों पर यह कहकर डाल दिया कि राज्य, चाहे जिस तरह की योजना बनाकर इससे निपटें।
-कुपोषण की उच्च दर बच्चों में मानसिक एवं शारीरिक विकलांगता के साथ-साथ उत्पादकता पर भी प्रभाव डालती है। किसी देश में कुपोषित बच्चों का अधिक होना उस देश की आर्थिक प्रगति पर भी प्रभाव डालता है। अनुमान है कि कुपोषण से एशिया के सकल घरेलू उत्पाद पर 11 प्रतिशत का प्रभाव पडे़गा।
-समस्त विश्व में यह माना गया है कि माँ के गर्भ में आने से लेकर शिशु के दो वर्ष के होने तक यानी 1000 दिन का होने तक, पर्याप्त पोषण न मिलने से अपरिवर्तनीय हानि हो सकती है।
-कुपोषित गर्भवती माँ एक कुपोषित बच्चे को जन्म देती है। भारत में ऐसे मातृत्व की संख्या अफ्रीका के सहारा प्रांत से भी अधिक है। यह बहुत ही गंभीर स्थिति है।

कुपोषण से निपटने के लिए समाधान

-ICDS में सुधार के साथ पोषण मिशन चलाए जाने की अत्यंत आवश्यकता है। ये केंद्र व राज्य स्तरों पर चलाए जाएं। यही सोचकर सरकार ने भारतीय पोषण मिशन की नींव डाली।
-सरकार इस मिशन को गुजरात महाराष्ट्र, आदि कई राज्यों में चलाने की इच्छुक है। राज्यों ने इसकी सहमति भी दे दी है। इस मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जल एवं स्वच्छता आदि विभागों के बीच तालमेल बैठाकर कुपोषण को कम करना है।
-इस मिशन के द्वारा ICDS की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जाएगी। इस तरह के नियंत्रण से आईसीडीएस के दिए गए आंकड़ें की सच्चाई को सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही आधुनिक तकनीकों एवं मोबाइल की मदद से प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सकेगी।

Tags: , , , ,

Categories:

भारत और फ्रांस के बीच चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 07 मार्च 2018 को भारत और फ्रांस के बीच चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी है. ये समझौता निम्न हैं.
-केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और फ्रांस के बीच प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौते को मंजूरी दी यह समझौता दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने, छात्रों, शिक्षाविदों, अनुसंधानकर्ताओं और कौशल प्राप्त व्यापारियों की आवाजाही बढ़ाने तथा दोनों पक्षों के बीच अवैध प्रवासन तथा मानव तस्करी से जुड़े मुद्दों पर सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वेपूर्ण होगा.
-समझौता आरंभ में सात वर्ष की अवधि के लिए वैध होगा. यह समझौता फ्रांस के साथ भारत के तेजी से बढ़ते संबंधों का गवाह है और दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विश्वास और आत्मविश्वास का प्रतीक है.
-केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘शैक्षणिक योग्यता’ के संदर्भ में भारत और फ्रांस के बीच समझौते पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी
भारत और फ्रांस के बीच शैक्षणिक संबंधों को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और लंबे समय तक दोनों देशों के बीच शैक्षिक सम्बन्धोंं को बढ़ावा मिलेगा.समझौता दोनों देशों के छात्रों को एक दूसरे के यहां आने-जाने के लिए प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होगा और छात्र दूसरे देश में अध्ययन जारी रखने की संभावनाएं तलाश सकेंगे.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 07 मार्च 2018 को नशीले पदार्थों, मादक द्रव्यों , उनके रासायनिक यौगिकों की तस्करी और सं‍बंधित अपराधों में कमी लाने और अवैधानिक उपयोग को रोकने के लिए भारत तथा फ्रांस के बीच एक समझौते को मंजूरी दी है.

मुख्य उद्देश्य

नशीले पदार्थों, मादक द्रव्यों , उनके रासायनिक यौगिकों की तस्करी संबंधित अपराधों में कमी लाने तथा अवैधानिक उपयोग को रोकने हेतु दोनों देशों के आपसी सहयोग को बढ़ाना इनका उद्देश्य है.

Tags: , ,

Categories:

Advertisement