एथेनॉल

हरियाणा सरकार ने एथेनॉल प्लांट के लिए इंडियन आयल कारपोरेशन के साथ MoU पर किये हस्ताक्षर

11 सितम्बर, 2018 को हरियाणा सरकार ने इंडियन आयल कारपोरेशन के साथ पानीपत में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये। इस एथेनॉल प्लांट को 900 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जायेगा।

मुख्य बिंदु

इस प्लांट की क्षमता 100 किलोलीटर प्रति दिन होगी, इसमें फसल के अवशेष उपयोग किया जायेगा। राज्य का कृषि व किसान कल्याण विभाग प्लांट के 50 किलोमीटर के दायरे में किसानों को फसल अवशेष प्लांट को प्रदान करने के लिए प्रेरित करेगा। इस प्लांट को किसानों से मुख्यतः धान और गन्ने की फसल के अवशेष प्राप्त होंगे। इसके अलावा 10 कोआपरेटिव और 3 निजी चीनी मिलों द्वारा भी इस प्लांट को कच्चा माल उपलब्ध करवाया जायेगा। यह समझौता एक वर्ष के लिए वैध है। इससे किसानों को फसल के अवशेष को जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और प्रदूषण में भी कमी होगी।

बायो-एथेनॉल

बायो-एथेनॉल के प्रकार का अल्कोहल है जिसे फसल अवशेष के किण्वन द्वारा प्राप्त किया जाता है। इसे पेट्रोल और डीजल में मिलाया जाता है, इससे जीवाश्म इंधन से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी। और इंधन के लिए विदेशों पर भारत की निर्भरता में भी कमी होगी। यह किसानों के लिए भी लाभदायक है, उन्हें कच्चा माल उपलब्ध से आय की प्राप्ति भी होगी।

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बी-मोलासेस अथवा गन्ना रस से डायरेक्ट एथेनॉल निर्माण के लिए केंद्र ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने शुगर मिल को सीधे गन्ना रस अथवा बी-मोलासेस से एथेनॉल निर्माण के लिए अधिसूचना जारी की। इसके लिए शुगरकेन कण्ट्रोल आर्डर, 1966 में संशोधन किया गया। इस निर्णय के बाद सरप्लस वर्ष में शुगर मिल गन्ना रस को एथेनॉल निर्माण के लिए उपयोग कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु

इससे पहले एथेनॉल निर्माण के लिए सी-मोलासेस का उपयोग किया जाता था। सी-मोलासेस गन्ना प्रसंस्करण के दौरान एक by-product के रूप में निकलता है। मोलासेस का उपयोग स्पिरिट व अल्कोहल इत्यादि उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

पृष्ठभूमि  

वर्ष 2017-18 में चीनी का उत्पादन 32 मिलियन टन था, जबकि मांग केवल 25 मिलियन टन थी, इस अतिरिक्त उत्पादन के कारण शुगर मिलों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इसलिए अतिरिक्त उत्पादन से बचने के लिए गन्ना रस अथवा बी-मोलासेस का उपयोग अब एथेनॉल के निर्माण के लिए किया जायेगा। इससे शुगर मिलों को लगभग 5,000 करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है।

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