रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन

ओडिशा तट पर अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया

23 दिसम्बर, 2018 को एपीजे अब्दुल कलम द्वीप पर अग्नि-4 मिसाइल का परीक्षण किया गया, यह इस मिसाइल का सातवाँ परीक्षण था।  इसी वर्ष 2 जनवरी, 2018 को इस मिसाइल का परीक्षण किया गया था।

अग्नि-4

इस मिसाइल का विकास रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन द्वारा किया गया है, जबकि इसका निर्माण भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा किया गया है। इस मिसाइल की लम्बाई 20 मीटर है, इसका भार लगभग 17,000 किलोग्राम है। यह मिसाइल 4000 किलोमीटर की दूरी तक अपने लक्ष्य को ध्वस्त कर सकती है। इस मिसाइल की रेंज में चीन के बीजिंग और शंघाई जैसे शहर भी आते हैं। यह मिसाइल हल्की श्रेणी की है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

Tags: , , , ,

Categories:

DAC ने 3000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी

DAC (रक्षा अधिग्रहण परिषद्) ने हाल ही में 3000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी। DAC की बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने की।

मुख्य बिंदु

इस बैठक में नौसेना की स्टेल्थ फ्रिगेट के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तथा थल सेना के अर्जुन टैंक के लिए रिकवरी वाहन (armoured recovery vehicles) की खरीद को मंज़ूरी दी गयी। इन रिकवरी वाहनों को रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) द्वारा डिजाईन तथा इनका निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाई BEML द्वारा किया जायेगा।

रक्षा अधिग्रहण परिषद् (DAC)

रक्षा अधिग्रहण परिषद् का गठन सैन्य सामान शीघ्रता से प्राप्त करने के लिए वर्ष 2001 में सरकार द्वारा किया गया था। इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री द्वारा की जाती है। DAC सैन्य सामान के अधिग्रहण के लिए दिशानिर्देश  भी जारी करता है।

Tags: , , , , , , ,

Categories:

अग्नि 1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया

हाल ही में अग्नि 1 बैलिस्टिक मिसाइल का रात्री में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। इस मिसाइल की मारक रेंज 700 किलोमीटर है। इस मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के तट पर किया गया। यह सतह-से-सतह मार कर सकने वाली मिसाइल है। इसका परीक्षण डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप पर किया गया।

मुख्य बिंदु

यह सतह-से-सतह मार कर सकने वाली मिसाइल है। इसका ट्रायल रात्री में भारतीय थलसेना के लिए किया गया है। अग्नि -1 मिसाइल में अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम का उपयोग किया गया है, जिसकी सहायता से यह मिसाइल अपने लक्ष्य को सटीकता से ध्वस्त कर सकती है। इस मिसाइल का भार 12 टन है, यह मिसाइल 15 मीटर लम्बी है। यह मिसाइल 1000 किलोग्राम का पेलोड ले जाने में सक्षम है।

इस मिसाइल का विकास रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) की एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी द्वारा रक्षा अनुसन्धान व विकास प्रयोगशाला (DRDL) तथा इमारत अनुसन्धान केंद्र (RCI) के सहयोग से किया गया है, इस मिसाइल का एकीकरण भारत डायनामिक्स लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा किया गया है। हालांकि इस मिसाइल का परीक्षण कई बार किया जा चुका है, परन्तु रात्री में यह इसका केवल दूसरा परीक्षण है, इससे पहले अग्नि-1 मिसाइल का रात्री परीक्षण 12 अप्रैल, 2014 को किया गया था।

Tags: , , , ,

Categories:

Advertisement