वस्तु व सेवा कर परिषद्

वस्तु व सेवा कर परिषद् ने आवास पर कर दरों को कम किया

वस्तु व सेवा कर परिषद् ने निर्माणाधीन आवसीय संपत्ति तथा सस्ते आवासीय प्रोजेक्ट्स पर कर दर कम करने का निर्णय लिया है।

मुख्य बिंदु

  • वस्तु व सेवा कर परिषद् ने निर्माणाधीन आवास पर GST दर को 12% से कम करके 5% कर दिया है।
  • यह नई दरें अप्रैल, 2019 से लागू होंगीं।
  • अब निर्माणाधीन तथा सस्ती आवासीय परियोजना की श्रेणी वाले बिल्डर इनपुट टैक्स क्रेडिट का उपयोग नही कर पायेंगे।
  • कर में कमी का लाभ ग्राहकों पर पहुंचाने के लिए सरकार ने कई शर्तें रखीं हैं।
  • सस्ती आवासीय परियोजनाओं को दो श्रेणियों – मेट्रो तथा नॉन-मेट्रो में बांटा गया है।
  • दिल्ली एनसीआर, मुंबई, कलकत्ता, चेन्नई, हैदराबाद तथा बंगलुरु के मेट्रो क्षेत्रों में 45 लाख रूपए तथा 60 स्क्वायर मीटर कारपेट एरिया वाली संपत्तियों को सस्ती आवासीय परियोजनाओं में शामिल किया गया है। जबकि नॉन-मेट्रो क्षेत्रों में 45 लाख रुपये तथा 90 स्क्वायर मीटर कारपेट एरिया वाली संपत्तियों को सस्ती आवासीय परियोजनाओं में शामिल किया गया है।
  • निर्मित हो चुके भवनों के लिए नए नियम लागू करने के लिए एक विधि समिति का गठन किया गया है।

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वस्तु व सेवा कर परिषद् की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

10 जनवरी, 2019 को आयोजित वस्तु व सेवा कर की बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गये :

  • वस्तु व सेवा कर के लिए पंजीकरण की राशि को 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दिया गया है, इससे छोटे करदाताओं तथा सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को लाभ होगा।
  • उत्तर-पूर्वी व पहाड़ी राज्यों के लिए छूट की सीमा को दोगुना करके 20 लाख कर दिया गया है।
  • 40 लाख की छूट सीमा का लाभ उन व्यापारियों को मिलेगा जिनका व्यापार एक ही राज्य में सीमित है और जो वस्तुओं का व्यापार करते हैं, इस छूट का लाभ अन्तर्राज्यीय व्यापार करने वाली इकाइयों को नहीं मिलेगा।
  • वस्तु व सेवा प्रदान करने वाले सेवा प्रदाता तथा आपूर्तिकर्ता, जिनका टर्नओवर 50 लाख तक है, वे GST कम्पोजीशन स्कीम तथा 6% कर अदायगी का चुनाव कर सकते हैं।
  • केरल को  राज्य में वस्तुओं व सेवाओं की बिक्री पर 1% आपदा कर लगाने की अनुमति दी गयी है। यह अनुमति दो वर्षों के लिए दी गयी है। पिछले वर्ष बाढ़ के कारण केरल में काफी नुकसान हुआ है, उस नुकसान की भरपाई के लिए 1% आपदा कर से राजस्व एकत्रित किया  जायेगा ।
  • बैठक में उभरे विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए मंत्रियों के सात सदस्यीय समूह का गठन किया जायेगा।

वस्तु व सेवा कर परिषद्

वस्तु व सेवा कर परिषद् देश में GST कर निर्धारण से सम्बंधित प्रमुख नीति-निर्माता संगठन है। यह परिषद् GST कर दर, कर छूट, कर नियम तथा कर डेडलाइन इत्यादि का निर्धारण करती है। यह एक संवैधानिक संस्था है। इसकी अध्यक्षता केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा की जाती है। इसके सदस्य केन्द्रीय राज्य राजस्व व वित्त मंत्री तथा राज्यों के वित्त मंत्री होते हैं।

इस परिषद् के निर्णय न्यूनतम तीन चौथाई बहुमत के पश्चात् लिए जाते हैं। इसमें केंद्र सरकार के वोट का भार कुल वोट का एक चौथाई होता है, जबकि राज्यों के वोट का भार दो चौथाई होता है।

 

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