वस्तु व सेवा कर

रियल एस्टेट सेक्टर के GST से सम्बंधित मुद्दों के लिए किया गया मंत्री समूह का गठन

केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर के वस्तु व सेवा कर (GST) से सम्बंधित मुद्दों के समाधान के लिए 7 सदस्यीय मंत्री समूह का गठन किया है। यह मंत्री समूह रियल एस्टेट की समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव देगा।

मुख्य बिंदु

यह मंत्री समूह निम्नलिखित कार्य करेगा :

  • यह मंत्री समूह डेवलपर्स तथा ग्राहक दोनों की समस्याओं के लिए एक्शन प्लान का सुझाव देगा।
  • यह मंत्री समूह संयुक्त विकास समझौते में विकास अधिकार के हस्तांतरण तथा विकास अधिकार  पर लगाये जाने वाले GST की समीक्षा करेगा।
  • यह मंत्री समूह भूमि या किसी अन्य घटक को शामिल करने या न करने की वैधता की जांच करेगा तथा एक मूल्यांकन तंत्र का सुझाव देगा।
  • इस मंत्री समूह के प्रमुख गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल है। इसमें केरल, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र तथा उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री तथा गोवा के पंचायत मंत्री सदस्य के रूप में शामिल हैं।

 

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वस्तु व सेवा कर परिषद् की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

10 जनवरी, 2019 को आयोजित वस्तु व सेवा कर की बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गये :

  • वस्तु व सेवा कर के लिए पंजीकरण की राशि को 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दिया गया है, इससे छोटे करदाताओं तथा सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को लाभ होगा।
  • उत्तर-पूर्वी व पहाड़ी राज्यों के लिए छूट की सीमा को दोगुना करके 20 लाख कर दिया गया है।
  • 40 लाख की छूट सीमा का लाभ उन व्यापारियों को मिलेगा जिनका व्यापार एक ही राज्य में सीमित है और जो वस्तुओं का व्यापार करते हैं, इस छूट का लाभ अन्तर्राज्यीय व्यापार करने वाली इकाइयों को नहीं मिलेगा।
  • वस्तु व सेवा प्रदान करने वाले सेवा प्रदाता तथा आपूर्तिकर्ता, जिनका टर्नओवर 50 लाख तक है, वे GST कम्पोजीशन स्कीम तथा 6% कर अदायगी का चुनाव कर सकते हैं।
  • केरल को  राज्य में वस्तुओं व सेवाओं की बिक्री पर 1% आपदा कर लगाने की अनुमति दी गयी है। यह अनुमति दो वर्षों के लिए दी गयी है। पिछले वर्ष बाढ़ के कारण केरल में काफी नुकसान हुआ है, उस नुकसान की भरपाई के लिए 1% आपदा कर से राजस्व एकत्रित किया  जायेगा ।
  • बैठक में उभरे विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए मंत्रियों के सात सदस्यीय समूह का गठन किया जायेगा।

वस्तु व सेवा कर परिषद्

वस्तु व सेवा कर परिषद् देश में GST कर निर्धारण से सम्बंधित प्रमुख नीति-निर्माता संगठन है। यह परिषद् GST कर दर, कर छूट, कर नियम तथा कर डेडलाइन इत्यादि का निर्धारण करती है। यह एक संवैधानिक संस्था है। इसकी अध्यक्षता केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा की जाती है। इसके सदस्य केन्द्रीय राज्य राजस्व व वित्त मंत्री तथा राज्यों के वित्त मंत्री होते हैं।

इस परिषद् के निर्णय न्यूनतम तीन चौथाई बहुमत के पश्चात् लिए जाते हैं। इसमें केंद्र सरकार के वोट का भार कुल वोट का एक चौथाई होता है, जबकि राज्यों के वोट का भार दो चौथाई होता है।

 

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वस्तु व सेवा कर परिषद् ने 23 वस्तुओं व सेवाओं पर दर को कम किया

22 दिसम्बर, 2018 को वस्तु व सेवा कर परिषद् ने 23 वस्तुओं व सेवाओं पर GST कर दी दर को कम किया। इसमें फिल्म टिकट, टीवी, मॉनिटर स्क्रीन, पॉवर बैंक इत्यादि शामिल हैं। इस कमी के बाद 28% कर की श्रेणी में केवल 28 वस्तुएं शेष रह गयी हैं, इसमें सीमेंट, तम्बाकू, अल्कोहल, ऑटो पार्ट्स, एयर कंडीशनर इत्यादि शामिल हैं। यह नयी GST दर 1 जनवरी, 2018 से लागू होगी।

मुख्य बिंदु

नवीकरणीय उर्जा डिवाइसेस को 5% कर के स्लैब में रखा गया है। जन-धन खाता धारकों को प्रदान की जाने वाले सेवाओं पर बैंकों द्वारा किसी प्रकार का कर नहीं लगाया जायेगा। इसके अलावा फ्रोजेन तथा प्रीज़र्वड सब्जियों पर भी कर नहीं लगाया जायेगा।

100 रुपये तक के फिल्म टिकटों पर GST दर को 18% से कम करके 12% कर दिया गया है, जबकि 100 रुपये के अधिक टिकटों पर GST को 28% से कम करके 18% किया गया। डिजिटल कैमरा, पॉवर बैंक, 32 इंच के मॉनिटर, टीवी तथा विडियो गेम कंसोल पर GST को कम करके 18% कर दिया गया है।

राजस्व की प्रवृत्ति का अध्ययन करने के लिए GST परिषद् ने 7 सदस्यीय समूह के गठन को मंज़ूरी दी। यह ग्रुप कुछ एक राज्यों में राजस्व एकत्रीकरण को प्रभावित करने वाले कारणों का विश्लेषण करेगा।

वस्तु व सेवा कर परिषद्

वस्तु व सेवा कर परिषद् देश में GST कर निर्धारण से सम्बंधित प्रमुख नीति-निर्माता संगठन है। यह परिषद् GST कर दर, कर छूट, कर नियम तथा कर डेडलाइन इत्यादि का निर्धारण करती है।

 

 

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