सैन्य अभ्यास

भारत और जापान के बीच मिजोरम में शुरू हुआ “धर्म गार्डियन 2018” युद्ध अभ्यास

भारतीय और जापानी सेनाओं के बीच पहले संयुक्त सैन्य अभ्यास “धर्म गार्डियन 2018” मिजोरम के वैरेंगते में शुरू हुआ। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 2 सप्ताह तक चलेगा।

धर्म गार्डियन 2018

इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में जंगली इलाके में युधाभ्यास किया जायेगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटर-ओपेराबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा, इससे सुरक्षा सम्बन्धी चुनौतियों के सामने करने के लिए समन्वय भी बेहतर होगा। इस युद्ध अभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं युद्ध की स्थिति के लिए अभ्यास करेंगी तथा युद्ध के मध्यनज़र योजना निर्माण तथा उसके क्रियान्वयन का अभ्यास भी करेंगी।

इस दौरान दोनों देशों से सुरक्षा विशेषज्ञ सेना के कार्य सम्बन्धी विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा करेंगे। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारत का प्रतिनिधित्व 6/1 गोरखा राइफल्स द्वारा किया जायेगा, जबकि जापान का प्रतिनिधित्व जापानी थलीय सुरक्षा बल की 32 इन्फेंट्री रेजिमेंट द्वारा किया जायेगा।

इस संयुक्त सैन्य अभ्यास से दोनों देशों के बीच आपसी सम्बन्ध बेहतर होंगे तथा आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने में सहायता मिलेगी। भारत और जापान के प्रगतिशील सबंधों में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

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नोमेडिक एलीफैंट 2018 : भारत और मंगोलिया के बीच उलानबातर में शुरू हुआ संयुक्त सैन्य अभ्यास

भारत और मंगोलिया के बीच ‘मंगोलियन आर्म्ड फोर्सेज फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया’ में संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हुआ। नोमेडिक एलीफैंट 2018 का आयोजन मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में किया जा रहा है। यह एक वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है, इसकी शुरुआत 2006 में हुई थी। इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य भारतीय सेना और मंगोलियाई सेना के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना है।

नोमेडिक एलीफैंट 2018

यह नोमेडिक एलिफेंट का 13वां संस्करण है। इस सैन्य अभ्यास का आयोजन 10 से 21 सितम्बर, 2018 के बीच किया जा रहा है। इससे आतंक विरोधी ऑपरेशन में दोनों देशों की सेनाओं की तकनीकी व रणनीतिक क्षमता में वृद्धि होगी। इस अभ्यास में भारत के ओर से 17 पंजाब रेजिमेंट हिस्सा ले रही है, जबकि मंगोलिया की ओर से यूनिट 084 हिस्सा ले रही है। इस अभ्यास में दोनों सेनाएं संयुक्त रूप से ड्रिल की योजना बनायेंगी तथा उसका क्रियान्वयन करेगी। इसके अतिरिक्त दोनों सेनाएं अपने अनुभव तथा कौशल को एक-दूसरे से साझा करेंगी।

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पिच ब्लैक 18 : भारतीय वायु सेना पहली बार ऑस्ट्रेलिया में बहुराष्ट्रीय अभ्यास में लेगी हिस्सा

भारतीय वायुसेना पहली बार ऑस्ट्रेलिया में बहुराष्ट्रीय वायु युद्ध अभ्यास पिच ब्लैक 18 में हिस्सा लेगी। यह युद्ध अभ्यास ऑस्ट्रेलिया में रॉयल ऑस्ट्रलियन एयर फ़ोर्स द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह युद्ध अभ्यास तीन हफ्ते तक 27 जुलाई से 17 अगस्त, 2018 तक चलेगा।  यह अभ्यास RAAF बेस डार्विन और RAAF बेस टिंडल में आयोजित किया जायेगा।

पिच ब्लैक – 18

पिच ब्लैक – 18 में 4000 अधिकारी, 140 एयरक्राफ्ट और 12 देश हिस्सा लेंगे। इस युद्ध अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, भारत, जर्मनी, इंडोनेशिया, फ्रांस (न्यू कैलेडोनिया), नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया और अमेरिका हिस्सा लेंगे।

इस बहुपक्षीय युद्ध अभ्यास में आधुनिक परिवेश में युद्ध की चुनौतियाँ का सामना करने का अभ्यास करेंगे। इस अभ्यास ने वायु सेना को अपनी शक्ति परिक्षण का अवसर मिलेगा। यह अभ्यास विश्व के सबसे बड़े प्रशिक्षण एयरस्पेस में से एक ब्रैडशॉ फ़ील्ड ट्रेनिंग एरिया और डेलामेर एयर वेपन रेंज में किया जायेगा। इसने दिन और रात दोनों समय अभ्यास किया जायेगा।

भारतीय वायुसेना को ओर से 145 सैनिकों का दल जिसमे गरुड़ कमांडो टीम, 4 सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान, C-130 और C-17 परिवहन विमान शामिल है। भारतीय वायु सैनिक और लड़ाकू विमान कृत्रिम परिस्थितियों में युद्ध अभ्यास करेंगे, इस दौरान युद्ध तकनीकों का आदान-प्रदान भी किया जायेगा।

युधाभ्यास पूरा होने के बाद डार्विन से सुबांग (इंडोनेशिया) के लिए भारतीय लड़ाकू विमानों को RAAF KC-30A द्वारा हवा में ही इंधन डाला जायेगा। पिछले तीन वर्षों में भारतीय वायुसेना ने इस प्रकार के तीसरे बहुपक्षीय युद्ध अभ्यास में भाग लिया। इससे पहले अप्रैल-मई, 2016 में भारतीय वायुसेना ने रेड फ्लैग युद्ध अभ्यास में हिस्सा लिया था। जबकि 2017 में भारतीय वायुसेना ने इजराइल में ब्लू फ्लैग युद्ध अभ्यास में हिस्सा लिया था।

पिच ब्लैक युद्ध अभ्यास 

पिच ब्लैक युद्ध अभ्यास का आयोजन रॉयल ऑस्ट्रेलियाई एयर फ़ोर्स द्वारा प्रत्येक दो साल बाद किया जाता है। यह आमतौर पर उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में RAAF के डार्विन और टिंडल बेस में आयोजित की जाती है। इस युद्ध अभ्यास में कृत्रिम युद्ध परिस्थितियों में अभ्यास किया जाता है।

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