DRDO

DAC ने 3000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी

DAC (रक्षा अधिग्रहण परिषद्) ने हाल ही में 3000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी। DAC की बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने की।

मुख्य बिंदु

इस बैठक में नौसेना की स्टेल्थ फ्रिगेट के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तथा थल सेना के अर्जुन टैंक के लिए रिकवरी वाहन (armoured recovery vehicles) की खरीद को मंज़ूरी दी गयी। इन रिकवरी वाहनों को रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) द्वारा डिजाईन तथा इनका निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाई BEML द्वारा किया जायेगा।

रक्षा अधिग्रहण परिषद् (DAC)

रक्षा अधिग्रहण परिषद् का गठन सैन्य सामान शीघ्रता से प्राप्त करने के लिए वर्ष 2001 में सरकार द्वारा किया गया था। इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री द्वारा की जाती है। DAC सैन्य सामान के अधिग्रहण के लिए दिशानिर्देश  भी जारी करता है।

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अग्नि 1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया

हाल ही में अग्नि 1 बैलिस्टिक मिसाइल का रात्री में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। इस मिसाइल की मारक रेंज 700 किलोमीटर है। इस मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के तट पर किया गया। यह सतह-से-सतह मार कर सकने वाली मिसाइल है। इसका परीक्षण डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप पर किया गया।

मुख्य बिंदु

यह सतह-से-सतह मार कर सकने वाली मिसाइल है। इसका ट्रायल रात्री में भारतीय थलसेना के लिए किया गया है। अग्नि -1 मिसाइल में अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम का उपयोग किया गया है, जिसकी सहायता से यह मिसाइल अपने लक्ष्य को सटीकता से ध्वस्त कर सकती है। इस मिसाइल का भार 12 टन है, यह मिसाइल 15 मीटर लम्बी है। यह मिसाइल 1000 किलोग्राम का पेलोड ले जाने में सक्षम है।

इस मिसाइल का विकास रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) की एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी द्वारा रक्षा अनुसन्धान व विकास प्रयोगशाला (DRDL) तथा इमारत अनुसन्धान केंद्र (RCI) के सहयोग से किया गया है, इस मिसाइल का एकीकरण भारत डायनामिक्स लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा किया गया है। हालांकि इस मिसाइल का परीक्षण कई बार किया जा चुका है, परन्तु रात्री में यह इसका केवल दूसरा परीक्षण है, इससे पहले अग्नि-1 मिसाइल का रात्री परीक्षण 12 अप्रैल, 2014 को किया गया था।

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भारत ने इजराइल ने बराक-8 मिसाइल खरीदने के लिए किया 777 मिलियन डॉलर का समझौता

इजराइल की सरकारी कंपनी इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज भारत को बराक-8 मिसाइल की आपूर्ति करेगी, इसके लिए 778 मिलियन डॉलर का समझौता किया गया। यह एक किस्म की LRSAM (लम्बी दूरी की सतह से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल) है।

लम्बी दूरी की सतह से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइलें (LRSAM)

LRSAM मिसाइलें किसी भी सब-सोनिक व सुपर सोनिक मिसाइल, लड़ाकू विमान, समुद्री गशत वाहन तथा हेलीकाप्टर को नष्ट करने की क्षमता रखती हैं। यह LRSAM मिसाइलें आधुनिकतम युद्धपोत रोधी मिसाइलों का सामना भी कर सकती हैं।

भारतीय नौसेना ने सभी नेवल शिप्स जैसे आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्ची और आईएनएस चेन्नई में बराक 8 LRSAM गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर लगाने का निर्णय लिया है। बराक 8 LRSAM को DRDO और इजराइल की IAI ने संयुक्त रूप से बनाया है। बराक 8 मिसाइल अधिकतम 2 मैक की गति से अपने लक्ष्य को 70 किलोमीटर के रेंज में नष्ट कर सकती है।

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