hindi current affairs

अस्मा जहाँगीर को मरणोपरांत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया

हाल ही में पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता अस्मा जहाँगीर को मरणोपरांत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे इस पुरस्कार को जीतने वाली चौथी पाकिस्तानी नागरिक हैं। इससे पहले बेगम राणा लियाकत खान (1978), बेनजीर भुट्टो (2008) तथा मलाल यूसुफ़जई (2013) को भी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार

इन पुरस्कारों की स्थापना 1966 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने की थी, इसका उद्देश्य उन व्यक्तियों तथा संगठनों को सम्मानित करना है जिन्होंने मानव अधिकारों की रक्षा व सम्वर्धन के लिए उत्कृष्ठ कार्य किया है। पहली बार यह पुरस्कार 1968 में प्रदान किये गये थे। इन पुरस्काओं को प्रत्येक पांच वर्ष बाद प्रदान किया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार 2018 के विजेता

अस्मा जहाँगीर

अस्मा जहाँगीर एक पाकिस्तान मानवाधिकार कार्यकर्ता थीं, उनकी मृत्यु फरवरी, 2018 में हुई थी। वे एक वकील थीं उन्हें महिलाओं के अधिकारों तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने  के लिए जाना जाता था। वे पाकिस्तान सर्वोच्च न्यायालय की बार एसोसिएशन की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला थीं। वे पाकिस्तान सेना तथा खुफिया एजेंसियों की आलोचक थीं। इस कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने पाकिस्तान मानव अधिकार आयोग की स्थापना की थी।

रेबेका ग्युमी

रेबेका ग्युमी एक तंज़ानियाई वकील हैं, वे म्सिचाना इनिशिएटिव की संस्थापक हैं। म्सिचाना इनिशिएटिव लड़कियों की शिक्षा के लिए कार्य करता है। वर्ष 2016 में उन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध केस में ऐतिहासिक जीत प्राप्त की थी। उन्होंने तंज़ानिया विवाह अधिनियम के विरुद्ध याचिका दायर की थी, इस अधिनियम में 14 वर्ष के विवाह की अनुमति दी गयी थी।

जेओनिया वापिचाना

जेओनिया वापिचाना ब्राज़ील की वकील हैं। उन्हें हाल ही में कांग्रेस के लिए चुना गया। वे ब्राज़ील की पहली मूल निवासी वकील हैं। वे ब्राज़ील में लॉ स्कूल से ग्रेजुएट होने वाली पहली मूल निवासी थीं।

फ्रंट लाइन डिफेंडर्स

फ्रंट लाइन डिफेंडर्स आयरलैंड का एक मानवाधिकार संगठन है, यह संगठन मानव अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करती है। इसकी स्थापना 2001 में आयरलैंड की राजधानी डबलिन में की गयी थी।

ट्रिविया : अब तक केवल एक ही भारतीय को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार प्रदान किया गया था। बाबा आमटे को 1988 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार प्रदान किया गया था।

Tags: , , , ,

Categories:

रामफल पवार को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो का निदेशक नियुक्त किया गया

हाल ही में रामफल पवार को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) का निदेशक किया गया। वे पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। इससे पहले वे NATGRID में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की स्थापना 11 मार्च 1986 को अपराध और अपराधियों की सूचना के संग्रह एवं स्रोत (repository) के रूप में की गई थी जिससे कि अपराध को अपराधियों से जोड़ने में खोजकर्ताओं को सहायता मिल सके। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।

इस संगठन का उद्देश्य देश के पुलिस बल को सूचना व प्रौद्योगिकी तथा क्रिमिनल इंटेलिजेंस से सशक्त करके कानून व्यवस्था को बनाये रखने में सहायता करना है। यह अपराधियों व अपराधों का सुरक्षित डेटाबेस तैयार करता है। यह अपराधियों से जुड़े डाटा को एकत्रित करता है। इस ब्यूरो में में सभी अपराधियों के फिंगरप्रिंट जमा किये जाते हैं।

 आदर्श वाक्य – सूचना प्रौद्योगिकी के साथ भारतीय पुलिस को सशक्त बनाना है।

Tags: , , , , ,

Categories:

फैक्ट शीट : चक्रवातीय तूफ़ान फैथाई

चक्रवातीय तूफ़ान फैथाई 2018 उत्तर भारतीय महासागर चक्रवात सीजन का छठवां चक्रवात हैं, पांच अन्य चक्रवात सागर, मेकुनु, लुबन, तितली तथा गज थे।

निर्माण

इस चक्रवात का निर्माण चेन्नई से 900 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र के कारण हुआ है। इस चक्रवात के कारण उत्तरी तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा के कुछ एक क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है।

Tags: , , , ,

Categories:

Advertisement