विधि एवं विधेयक करेंट अफेयर्स

अंतर्देशीय पोत विधेयक (Inland Vessels Bill) को कैबिनेट ने मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतर्देशीय पोत विधेयक, 2021 को मंजूरी दे दी है, जो अंतर्देशीय पोत अधिनियम, 1917 की जगह लेगा। विधेयक के प्रमुख प्रावधान अब तक, कुल 4,000 किमी अंतर्देशीय जलमार्ग को ऑपरेशनलाइज किया जा चुका है। यह विधेयक अंतर्देशीय जहाजों की सुरक्षा और पंजीकरण को विनियमित करेगा। यह बिल प्रत्येक राज्य द्वारा बनाए गए

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केंद्र सरकार Biological-E  से खरीदेगी 30 करोड़ COVID-19 वैक्सीन

केंद्र सरकार हैदराबाद बेस्ड कंपनी बायोलॉजिकल-ई (Biological-E) से कोरोनावायरस वैक्सीन की 30 करोड़ डोज़ खरीदने जा रही है। इसके लिए  स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन निर्माता बायोलॉजिकल-ई के साथ 30 करोड़ COVID-19 वैक्सीन खुराक आरक्षित करने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है। ये वैक्सीन खुराक इस साल अगस्त से दिसंबर तक बायोलॉजिकल-ई द्वारा निर्मित और

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कैबिनेट ने मॉडल टेनेंसी एक्ट (Model Tenancy Act) को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए कानून बनाकर या मौजूदा रेंटल कानूनों में आवश्यकतानुसार संशोधन करके अनुकूलन के लिए “मॉडल टेनेंसी एक्ट” को मंजूरी दे दी है। मुख्य बिंदु यह अधिनियम भारत में किराये के आवास पर कानूनी ढांचे के पुनर्निर्माण में मदद करेगा जो बदले में समग्र विकास को

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केंद्र सरकार ने मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) के लिए सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की

केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार ने मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) के लिए सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की है। दरअसल, इससे पहले 5 मई को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मराठा आरक्षण पर रोक लगा दी थी क्योंकि यह आरक्षण की 50% सीमा को पार कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र के उस

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अनुच्छेद 311 (Article 311) क्या है?

एक पुलिस अधिकारी सचिन वजे को अनुच्छेद 311 (2) (बी) के तहत मुंबई पुलिस आयुक्त द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। सचिन वजे को तब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने गिरफ्तार किया था। उन्हें मुकेश अंबानी टेरर स्केयर केस (Mukesh Ambani Terror Scare) और मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में भी

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केवल केंद्र सरकार ही सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय की पहचान कर सकती है : सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में कहा कि केवल राष्ट्रपति सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय (Socially and Economically Backward Community) की घोषणा करने में निर्णय ले सकते हैं। 102वें संवैधानिक संशोधन को बरकरार रखते हुए यह फैसला सुनाया गया है। मुख्य बिंदु शीर्ष अदालत ने कहा कि 102वें संवैधानिक संशोधन ने सामाजिक और आर्थिक

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