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15 जनवरी को मनाया गया तिरुवल्लुवर दिवस

15 जनवरी 2021 को तिरुवल्लुवर दिवस मनाया गया। यह तमिलनाडु में पोंगल समारोह के एक भाग के रूप में मनाया जाता है। तिरुवल्लुवर  एक प्रसिद्ध कवि और दार्शनिक थे।

मुख्य बिंदु

यह तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर के सम्मान में मनाया जाता है। तिरुवल्लुवर “थिरुक्कू” नामक रचना के लिए जाना जाता है। यह नैतिकता, प्रेम आर्थिक और राजनीतिक मामलों पर दोहों का एक संग्रह है। पहला तिरुवल्लुवर दिवस 1935 में 17 और 18 मई को मनाया गया था। हालांकि कवि तिरुवल्लुवर के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नही है, वह चौथी शताब्दी में रहते थे।

इस मौके पर पीएम मोदी ने तिरुवल्लुवर को भी याद किया और युवाओं से कुराल को पढ़ने का आग्रह किया। कुराल 1330 दोहों का एक संग्रह है जिसे तिरुवल्लुवर द्वारा लिखा गया था।

एक मंदिर भी तिरुवल्लुवर को समर्पित है। यह एकाम्बारेश्वर मंदिर परिसर के भीतर चेन्नई के मायलापुर में बनाया गया था। यह मंदिर 16वीं शताब्दी की शुरुआत में बनाया गया था। “वल्लुवर कोटम” नामक एक मंदिर-स्मारक  चेन्नई में वर्ष 1976 में बनाया गया था। मंदिर-स्मारक एशिया में सबसे बड़े सभागारों में से एक है। कन्याकुमारी में थिरुवल्लुवर की 133 फुट ऊंची प्रतिमा भी है।

Month:

उड़ान योजना के तहत हरियाणा में हिसार हवाई अड्डे का उद्घाटन किया गया

14 जनवरी, 2021 को हिसार हवाई अड्डे का उद्घाटन किया गया। हिसार हवाई अड्डे की पहली उड़ान को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने हरी झंडी दिखाई।

मुख्य बिंदु

पहली फ्लाइट को चंडीगढ़ से हिसार एयरपोर्ट के लिए रवाना किया गया। इस उड़ान को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्रीय संपर्क योजना -उड़े देश का आम नागरिक (RCS-UDAN) के तहत रवाना किया गया। पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाने के साथ ही हिसार हवाईअड्डा UDAN योजना के तहत 54वाँ हवाई अड्डा बन गया है।

अब तक, 54 हवाई अड्डों में पांच हेलीपोर्ट और दो वाटर एयरोड्रम और 307 मार्गों को उड़ान योजना के तहत ऑपरेशनलाइज किया गया है। हिसार हवाईअड्डा एक सार्वजनिक लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डा है और यह 18 प्रकार के विमानों के लिए उपयुक्त है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा हिसार हवाई अड्डे का विकास किया गया था। सरकार ने हवाई अड्डे के अंतरिम नागरिक उड्डयन कार्यों के लिए 28.60 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को भूमि प्रदान की गई थी और AAI को हिसार हवाई अड्डे के विकास और अपग्रेडेशन का कार्य सौंपा गया था।

इसके अपग्रेड में नए टर्मिनल भवन का निर्माण, हैंगर, रात में उड़ान भरने वाले उपकरण की स्थापना, सुरक्षा उपकरण आदि शामिल थे। हिसार-चंडीगढ़-हिसार मार्ग को एयरलाइन एविएशन कनेक्टिविटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया।  अब, इस नई फ्लाइट के साथ, हिसार से चंडीगढ़ के बीच यात्रा का समय 4.50 घंटे से 45 मिनट तक कम हो जाएगा। इसके तहत उड़ानें भी किफायती होंगी।

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असम राइफल्स पब्लिक स्कूल को खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में लॉन्च किया गया

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में असम राइफल्स पब्लिक स्कूल को खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में लॉन्च किया। असम राइफल्स पब्लिक स्कूल शिलोंग में स्थित है।

मुख्य बिंदु

असम राइफल्स पब्लिक स्कूल का खेल और शिक्षा क्षेत्र में एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है। इसके अलावा, इसमें खेल सुविधाओं को विकसित करने के लिए पर्याप्त स्थान, पर्याप्त आवास और बोर्डिंग इत्यादि की व्यवस्था ही है। इसके अलावा, गृह मंत्रालय और युवा मामलों और खेल मंत्रालय के बीच अंतर-मंत्रालयी साझेदारी के तहत ओलंपिक खेलों को विकसित करने के लिए इसका अच्छा झुकाव है। इन कारणों से, असम राइफल्स को खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में नामित किया गया है।

खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल क्या है?

  • खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के साथ खेल को एकीकृत करना है।
  • खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल में छात्रों का खर्च भारत सरकार वहन करेगी।इसमें शिक्षा का खर्च, बोर्डिंग, लॉजिंग, प्रतियोगिता प्रदर्शन शामिल हैं।
  • खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों, आदिवासी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभा की पहचान और उत्थान में मदद करेगा।

भारत में खेलो  इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल

वर्तमान में, भारत में नौ खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल हैं। इनमें से पांच अर्धसैनिक बल और रक्षा बलों द्वारा प्रबंधित किया जाता है।

खेलो इंडिया

खेतो भारत को 2018 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य देश में खेल संस्कृति में सुधार करना है। राजीव गाँधी खेल अभियान, राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज प्रणाली और शहरी खेल अवसंरचना योजना को एकीकृत करके खेलो इंडिया को लांच किया गया था।

Month:

भारत का पहला ‘सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड’ जारी किया जायेगा

हाल ही में पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम (पीसीएमसी) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने भारत के पहले सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड (Social Impact Bond) के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड क्या हैं?

सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड को पे-फॉर-सक्सेस बॉन्ड या पे-फॉर-सक्सेस फाइनेंसिंग भी कहा जाता है। एक सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड मूल रूप से सार्वजनिक क्षेत्र प्राधिकरण के साथ एक अनुबंध है जहां यह बेहतर सामाजिक परिणामों के लिए भुगतान करता है। यह परिणाम आधारित अनुबंध का एक रूप है। इसका उद्देश्य नागरिकों के एक विशिष्ट समूह के लिए सामाजिक परिणामों में सुधार करना है।

सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड की मुख्य विशेषताएं

  • ये बॉन्ड समय की एक निश्चित अवधि में काम करते हैं।
  • वे रिटर्न की निश्चित दर प्रदान नहीं करते हैं।
  • सोशल इंपैक्ट बॉन्ड का परिणाम पूरी तरह से सामाजिक परिणाम की सफलता पर निर्भर है।
  • वे पुनर्निवेश जोखिम, ब्याज दर जोखिम या बाजार जोखिम इत्यादि से प्रभावित नहीं होते।
  • ये बॉन्ड मुद्रास्फीति जोखिम से प्रभावित हो सकते हैं।
  • सामाजिक प्रभाव बांड की सफलता को निर्धारित करना बहुत कठिन है क्योंकि वे सामाजिक प्रभावों पर आधारित होते हैं।

सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड का महत्व

सामाजिक परिवेश और समाज में निवेश की प्रवृत्ति हाल के वर्षों में काफी बढ़ी है। इससे सामुदायिक जागरूकता और सामाजिक मुद्दों की भागीदारी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

Month:

विस्टाडोम टूरिस्ट कोच ने 180 किमी प्रति घंटा का स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया

हाल ही में विस्टाडोम टूरिस्ट कोच ने स्पीड ट्रायल के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटा का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इसकी जानकारी रेल मत्री पियूष गोयल ने ट्वीट के माध्यम से दी।

मुख्य बिंदु

उन्होंने कहा की तमिलनाडु में यूनेस्को की विश्व धरोहर  नीलगिरि माउंटेन रेलवे इस साल 31 दिसंबर से परिचालन शुरू करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे ने पश्चिम बंगाल में बनगाँव-पेट्रापोल के बीच नई विद्युतीकृत लाइन पर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का सफल परीक्षण किया है।  रेलवे राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल के रेल ढांचे को बदलने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है।

किसान रेल

हाल ही में 28 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सौवीं किसान रेल को लांच किया था। यह ट्रेन महाराष्ट्र के संगोला और पश्चिम बंगाल के शालीमार के बीच चलेगी। इस ट्रेन में शिमला मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, मिर्च, ड्रमस्टिक, प्याज जैसी सब्जियों का परिवहन किया जाएग। इसके अलावा यह संतरे, अंगूर, केला, अनार इत्यादि का परिवहन भी करेगी।

किसान रेल का विचार केंद्रीय बजट 2020-21 के दौरान प्रस्तावित किया गया था। किसान रेल योजना का लक्ष्य दूध, मांस, मछली, फल और सब्जियों के लिए नेशनल कोल्ड सप्लाई चेन का निर्माण करना था। इसमें फ्रेट और एक्सप्रेस ट्रेनों में रेफ्रिजरेटेड कोच शामिल हैं।

इसे हासिल करने के लिए, भारतीय रेलवे ने 17 टन की क्षमता वाली रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन विकसित की है। ये पार्सल वैन रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला के माध्यम से खरीदे गए थे। भारतीय रेलवे के पास वर्तमान में नौ ऐसे रेफ्रिजरेटेड वैन हैं। इन्हें राउंड ट्रिप के आधार पर बुक किया जा सकता है। इन वैन का  किराया सामान्य मालगाड़ी का 1.5 गुना है।

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पीएम मोदी ने पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा खंड का उद्घाटन किया

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor-EDFC) के न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा खंड का उद्घाटन किया।

मुख्य बिंदु

न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा खंड की कुल लम्बाई 351 किलोमीटर है, यह उत्तर प्रदेश में स्थित है। इसका निर्माण 5,750 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह खंड कानपुर देहात जिले में एल्युमीनियम उद्योग, औरैया में डेयरी क्षेत्र, इटावा में कपड़ा उद्योग, फिरोजाबाद में कांच के सामान के उद्योग और अलीगढ़ जिले में ताले और हार्डवेयर जैसे स्थानीय उद्योगों के लिए नए अवसर खोलेगा।

यह खंड मौजूदा कानपुर-दिल्ली मुख्य लाइन पर होने वाली भीड़ को कम करेगा। इसके अलावा यह भारतीय रेलवे को तेज ट्रेनें चलाने में सक्षम करेगा।

इस इवेंट के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज में EDFC के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) का भी उद्घाटन किया। यह EDFC के पूरे रूट की लंबाई के लिए कमांड सेंटर के रूप में कार्य करेगा।

पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor-EDFC)

पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor-EDFC) का निर्माण भारतीय रेलवे में किया जा रहा है। यह कॉरिडोर पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल के कलकत्ता तो जायेगा। इसकी कुल लम्बाई 1,839 किलोमीटर होगी। यह पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखण्ड जैसे राज्यों से होकर गुजरेगा।

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