विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स

रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance) अब मौत का प्रमुख कारण बन गया है : लैंसेट अध्ययन

लैंसेट के एक हालिया अध्ययन में कहा गया है कि रोगाणुरोधी प्रतिरोध (antimicrobial resistance) अब मौत का प्रमुख कारण है। इसने HIV और मलेरिया को भी पीछे छोड़ दिया है। इस अध्ययन में कहा गया है कि 2019 में रोगाणुरोधी प्रतिरोध ने पूरी दुनिया में 1.27 मिलियन से अधिक लोगों की जान ली। यह मलेरिया और

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TOI-2180: बृहस्पति जैसा नया बाह्य ग्रह खोजा गया

वैज्ञानिकों के एक समूह ने हाल ही में एक नए ग्रह की खोज की है। यह ग्रह बृहस्पति के आकार का है। नया ग्रह पृथ्वी से 379 प्रकाश वर्ष दूर है। यह पृथ्वी से 105 गुना सघन है। इस ग्रह का नाम TOI-2180 b रखा गया है। TOI-2180 b इस ग्रह को अपने तारे की परिक्रमा करने

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क्षुद्रग्रह 1994 PC1 : मुख्य बिंदु

क्षुद्रग्रह 1994 PC1 को 18 जनवरी 2022 को पृथ्वी के पास से गुजरा। यह 12 लाख मील की दूरी से गुजरा। यह चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी का पांच गुना है। इसलिए, इस क्षुद्रग्रह से पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इसे “7482” के नाम से भी जाना जाता है। इसकी लंबाई एक किलोमीटर से

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UV-C Disinfection Technology क्या है?

भारत सरकार ने संसद, एसी बसों और ट्रेनों में परीक्षण के लिए अल्ट्रा वायलेट-सी डिसइंफेक्शन टेक्नोलॉजी तैनात की है। यह तकनीक एक बड़ी सफलता है। इसे अब जनता के लिए रोल आउट किया जायेगा। साथ ही, ECI (भारत के चुनाव आयोग) की चुनावी बैठकों के दौरान इस तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा। इस तकनीक का विकास

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चीन का कृत्रिम चंद्रमा (Artificial Moon) : मुख्य बिंदु

चीन के कृत्रिम सूर्य के बाद, चीन ने अपना पहला ‘कृत्रिम चंद्रमा’ तैयार कर लिया है। वैज्ञानिकों ने एक “कृत्रिम चंद्रमा” अनुसंधान सुविधा का निर्माण किया है। यह सुविधा उन्हें चुंबकत्व का उपयोग करके कम-गुरुत्वाकर्षण वातावरण (low-gravity environment) का संचालन करने में मदद करेगी। कृत्रिम चंद्रमा अनुसंधान सुविधा कृत्रिम चंद्रमा अनुसंधान सुविधा को वर्ष 2022

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गगनयान के लिए क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 12 जनवरी, 2022 को गगनयान कार्यक्रम के लिए क्रायोजेनिक इंजन की योग्यता परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की। मुख्य बिंदु यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में 720 सेकंड के लिए किया गया था। 1810 सेकंड की संचयी अवधि के लिए इस इंजन का चार बार और परीक्षण

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