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Mission Gaganyaan : इसरो ने सॉलिड रॉकेट बूस्टर HS-200 का परीक्षण किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में HS200 सॉलिड रॉकेट बूस्टर का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण कहाँ आयोजित किया गया? यह परीक्षण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) में किया गया था। HS200 सॉलिड रॉकेट बूस्टर क्या है? यह S200 रॉकेट बूस्टर का मानव-रेटेड संस्करण है। दो HS200 बूस्टर जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट

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2024 में इसरो (ISRO) शुक्र ग्रह के लिए मिशन लांच करेगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) दिसंबर 2024 में शुक्र के लिए एक अंतरिक्ष यान लॉन्च करने  की योजना बना रहा है। इसरो के शुक्र मिशन के उद्देश्य क्या हैं? शुक्र की सतह के नीचे क्या है इसका अध्ययन करना। शुक्र के वातावरण का अध्ययन करना। इसरो द्वारा शुक्र मिशन के तहत किन प्रयोगों की योजना

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INSPIRESat-1 उपग्रह के लांच के लिए पहली बार इसरो के साथ शामिल हुए ताइवान के वैज्ञानिक

14 फरवरी, 2022 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने “INSPIRESat-1” नामक एक उपग्रह लॉन्च किया। INSPIRESat-1 का विकास किसने किया? INSPIRESat-1 को संयुक्त रूप से भारत, अमेरिका, ताइवान और सिंगापुर के विश्वविद्यालयों सहित अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की टीम द्वारा विकसित किया गया है। इसके विकास में कौन से विश्वविद्यालय विकास में शामिल हैं? इन विश्वविद्यालयों

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इसरो ने सफलतापूर्वक लांच किया PSLV-C52 मिशन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 2022 के अपने पहले मिशन को 14 फरवरी, 2022 को लॉन्च किया। गौरतलब है कि यह मिशन 14 फरवरी को सुबह 5:59 पर लांच किया गया। मुख्य बिंदु  ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV-C52) 14 फरवरी को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा के पहले लॉन्च पैड से लॉन्च किया गया।

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इसरो लांच करेगा PSLV-C52 मिशन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 2022 के अपने पहले मिशन को 14 फरवरी, 2022 को लॉन्च करने जा रहा है। मुख्य बिंदु  ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV-C52) 14 फरवरी को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा के पहले लॉन्च पैड से लॉन्च किया जायेगा। यह एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (EOS-04) को ले जायेगा। PSLV-C52 PSLV-C52 का

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डॉ. एस. सोमनाथ होंगे इसरो के नए चेयरमैन

डॉ. एस. सोमनाथ इसरो के नए अध्यक्ष होंगे। वे के. सिवन का स्थान लेंगे। वह इसरो में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले चौथे केरलवासी हैं। पिछले केरलवासी के. राधाकृष्णन, माधवन नायर और के. कस्तूरीरंगन थे। के. सिवन और उनका विस्तार सोमनाथ को 2019 में नामांकित किया गया था। उन्हें उनकी वरिष्ठता के आधार पर नामांकित

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