एशियाई विकास बैंक

ADB ने कोविड प्रतिक्रिया के लिए भारत को 1.5 बिलियन डॉलर प्रदान किए

एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank) ने COVID-19 संकट से लड़ने के लिए भारत को 1.5 बिलियन अमरीकी डालर का राजकोषीय समर्थन प्रदान किया है। यह एडीबी की वार्षिक रिपोर्ट, 2020 के अनुसार है जिसे हाल ही में जारी किया गया था।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • एशियाई विकास बैंक ने 2020 में एशिया और प्रशांत क्षेत्रों के लिए 6 बिलियन अमरीकी डालर आवंटित किए थे। यह एक हरित और सतत रिकवरी का समर्थन करने के लिए किया गया था।
  • 2020 में, एशियाई विकास बैंक ने COVID-19 महामारी के लिए 1 बिलियन अमरीकी डालर आवंटित किए। यह बैंक द्वारा की गई कुल वित्तीय सहायता के आधे से अधिक है।
  • 2 बिलियन अमरीकी डालर में से 2.9 बिलियन अमरीकी डालर निजी क्षेत्र के लिए था।
  • एशिया और प्रशांत क्षेत्रों के लिए एडीबी द्वारा वित्तीय सहायता 2019 की तुलना में 32% अधिक है। 2019 में, बैंक ने इस क्षेत्र को 24 बिलियन अमरीकी डालर आवंटित किए थे।2019 में, बैंक ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में इक्विटी निवेश, अनुदान और तकनीकी सहायता पर ध्यान केंद्रित किया।

ऋण

एशियाई विकास बैंक के कुल ऋण में भारत का हिस्सा का 16.29% था और यह सबसे बड़ा कर्जदार था। चीन 15.25% के साथ दूसरा सबसे बड़ा कर्जदार था।

Month:

ADB ने CKIC प्रोजेक्ट के लिए 484 मिलियन डॉलर मंज़ूर किये

एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank) ने हाल ही में तमिलनाडु में CKIC (चेन्नई-कन्याकुमारी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) के लिए 484 मिलियन डॉलर स्वीकृत किए।

परियोजना के बारे में

  • यह परियोजना CKIC प्रभाव क्षेत्रों में 590 किलोमीटर राज्य राजमार्गों को अपग्रेड करेगा।
  • जलवायु परिवर्तन अनुकूलन उपायों को राजमार्ग उन्नयन में शामिल किया जायेगा। इसमें जल निकासी में सुधार, पुलों और पुलियों का आकार बदलना, महत्वपूर्ण खंडों में सड़क के तटबंधों का निर्माण शामिल है।
  • यह परियोजना सड़क निगरानी के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत करेगी।
  • यह परियोजना तमिलनाडु राजमार्ग और लघु बंदरगाह विभाग (Minor Ports Department) की योजना क्षमता में भी सुधार करेगी।

CKIC (Chennai-Kanyakumari Industrial Corridor)

  • CKIC पूर्वी तटीय आर्थिक गलियारे (East Coast Economic Corridor) का एक हिस्सा है।
  • CKIC का मुख्य उद्देश्य उत्पादन नेटवर्क में विनिर्माण उद्योग की भागीदारी को बढ़ाना और गलियारे के साथ नौकरियां पैदा करना है।

प्रोजेक्ट की आवश्यकता

तमिलनाडु राज्य में कई विनिर्माण उद्योगों जैसे इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और एयरोस्पेस के साथ अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति है। हालांकि, राज्य के मध्य और दक्षिणी क्षेत्र जो कि चेन्नई के आसपास मौजूदा औद्योगिक केंद्रों से दूर हैं, में समावेशी विकास के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता है। यह परियोजना का मुख्य उद्देश्य है।

ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर (East Coast Corridor)

  • यह पश्चिम बंगाल से तमिलनाडु तक फैला हुआ है।
  • पूर्वी तटीय आर्थिक गलियारा भारत को दक्षिण पूर्व और पूर्वी एशिया के उत्पादन नेटवर्क से जोड़ता है।
  • एशियन डेवलपमेंट बैंक के फंड की मदद से पूरा ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर विकसित किया गया था।यह एक बहु-क्षेत्रीय क्षेत्रीय समुद्री गलियारा है जो घरेलू बाजार को एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • 2016 में, एडीबी ने ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर के चरण 1 को मंजूरी दी, जो विशाखापट्टनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारा (Vishakhapatnam-Chennai Industrial Corridor) है।
  • मेक इन इंडिया अभियान में ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • यह सागर माला पहल (Sagar Mala Initiative) के तहत बंदरगाह के नेतृत्व वाली औद्योगीकरण रणनीति का समर्थन करता है।

Month:

एडीबी ने बेंगलुरु में बिजली आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए 100 मिलियन डालर के ऋण पर हस्ताक्षर किए

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने बेंगलुरु शहर में बिजली वितरण को अपग्रेड करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य बिंदु

बेंगलुरु शहर में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए 100 मिलियन डालर के ऋण का उपयोग बेंगलुरु स्मार्ट एनर्जी एफिशिएंट पावर डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट के तहत किया जायेगा। साथ ही, इस ऋण राशि का उपयोग 2,800 किलोमीटर की फाइबर ऑप्टिकल केबल को स्थापित करने के लिए किया जाएगा। इन फाइबर ऑप्टिकल केबल को भूमिगत वितरण केबलों के समानांतर रखा जायेगा।

डिस्ट्रीब्यूशन ग्रिड में स्मार्ट ऑप्टिकल सिस्टम और डिस्ट्रीब्यूशन ऑटोमेशन सिस्टम के लिए फाइबर ऑप्टिकल केबल का उपयोग किया जायेगा। साथ ही, वितरण लाइन स्विच गियर को नियंत्रित करने के लिए परियोजना 1,700 ऑटोमेटेड रिंग मेन यूनिट्स को स्थापित करेगी।

बेंगलुरु स्मार्ट एनर्जी एफिशिएंट पावर डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट

  • इस परियोजना का उद्देश्य ओवरहेड डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों को भूमिगत केबलों में बदलना है।
  • यह भूमिगत केबल के समानांतर ऑप्टिकल फाइबर केबल भी स्थापित करेगा।
  • बेंगलुरु शहर के छह डिवीजनों में स्वचालित रिंग इकाइयां स्थापित की जाएँगी।
  • इससे BESCOM (बैंगलोर बिजली आपूर्ति कंपनी) की संस्थागत परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी।

एडीबी की ऋण स्वीकृतियां

  • 1 दिसंबर, 2020 को एडीबी ने मेघालय विद्युत वितरण क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 8 मिलियन अमरीकी डालर के ऋण पर हस्ताक्षर किए।
  • 8 दिसंबर, 2020 को एशियाई विकास बैंक ने दो ऋणों को मंजूरी दी।बेंगलुरु में 500 मिलियन अमरीकी डालर का ऋण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने के लिए 300 मिलियन अमरीकी डालर मंज़ूर किये गये।
  • 18 दिसंबर, 2020 को उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए एशियाई विकास बैंक ने ग्रामीण बिजली वितरण को उन्नत करने के लिए 300 मिलियन अमरीकी डालर के ऋण पर हस्ताक्षर किए।
  • जनवरी 2021 में, भारत और एडीबी ने असम में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए 231 मिलियन अमरीकी डालर के ऋण पर हस्ताक्षर किए।

 

 

Month:

हिमाचल प्रदेश में बागवानी के लिए एशियाई विकास बैंक 10 मिलियन डॉलर का ऋण प्रदान करेगा  

हाल ही में, एशियाई विकास बैंक (ADB) ने हिमाचल प्रदेश में परियोजनाओं के लिए भारत के साथ ऋण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।हिमाचल प्रदेश में बागवानी के विस्तार के लिए एक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मुख्य बिंदु

एशियाई विकास ने हिमाचल प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 10 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। यह ऋण परियोजना के लिए डिजाइनिंग, क्षमता निर्माण और पायलटिंग गतिविधियों में मदद करेगा, जिसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में बागवानी उत्पादन और कृषि घरेलू आय का विस्तार करना है।

इसके साथ ही भारत और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने असम में 120 मेगा वाट जलविद्युत संयंत्र के निर्माण के लिए 231 मिलियन डालर के ऋण पर हस्ताक्षर किए हैं, इस प्लांट से घरों में बिजली की उपलब्धता में वृद्धि होगी।

एशियाई विकास बैंक (ADB)

एडीबी एक क्षेत्रीय विकास बैंक है जिसका उद्देश्य एशिया में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इसकी स्थापना दिसंबर 1966 में की गयी थी। इसका मुख्यालय मनीला (फिलीपींस) में स्थित है। इसके कुल 68 सदस्य हैं, जिनमें से 48 एशिया और प्रशांत क्षेत्र जबकि बाकी 19 अन्य क्षेत्र के हैं। एडीबी का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ऋण, तकनीकी सहायता, अनुदान और इक्विटी निवेश प्रदान करके अपने सदस्यों और भागीदारों की सहायता करना है।

Month:

भारत और एडीबी ने असम में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 231 मिलियन डालर के ऋण पर हस्ताक्षर किए

भारत और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने असम में 120 मेगा वाट जलविद्युत संयंत्र के निर्माण के लिए 231 मिलियन डालर के ऋण पर हस्ताक्षर किए हैं, इस प्लांट से घरों में बिजली की उपलब्धता में वृद्धि होगी।

मुख्य बिंदु

इस ऋण समझौते पर वित्त मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव डॉ. सीएस महापात्रा और एडीबी के इंडिया रेजिडेंट मिशन के प्रभारी अधिकारी हो यूं जोंग ने हस्ताक्षर किये।

इस ऋण समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद डॉ. महापात्र ने कहा कि यह परियोजना स्वच्छ जल विद्युत स्रोतों से असम की बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी और असम में बिजली की उपलब्धता में सुधार होगी। यह प्रस्तावित पनबिजली परियोजना कोपिली नदी पर निर्मित की जाएगी है। यह परियोजना 2025 तक 469 गीगावाट ऑवर की स्वच्छ ऊर्जा से आपूर्ति करेगी और इससे हर साल 3,60,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।

एशियाई विकास बैंक (ADB)

एडीबी एक क्षेत्रीय विकास बैंक है जिसका उद्देश्य एशिया में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इसकी स्थापना दिसंबर 1966 में की गयी थी। इसका मुख्यालय मनीला (फिलीपींस) में स्थित है। इसके कुल 68 सदस्य हैं, जिनमें से 48 एशिया और प्रशांत क्षेत्र जबकि बाकी 19 अन्य क्षेत्र के हैं। एडीबी का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ऋण, तकनीकी सहायता, अनुदान और इक्विटी निवेश प्रदान करके अपने सदस्यों और भागीदारों की सहायता करना है।

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पावर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए $300 मिलियन ऋण प्रदान करेगा एशियाई विकास बैंक

एशियाई विकास बैंक (ADB) पावर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए $300 मिलियन ऋण प्रदान करेगा। इसके लिए हाल ही में एशियाई विकास बैंक और भारत सरकार ने 300 मिलियन डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ऋण राशि से ग्रामीण बिजली वितरण नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इसका सबसे ज्याद लाभ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को होगा, इससे उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

मुख्य बिंदु

इस समझौते के तहत कुल 430 मिलियन डॉलर की वित्त सुविधा को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत 65,000 किलोमीटर की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन को अपग्रेड किया जायेगा। इससे यह वितरण नेटवर्क मजबूत बनेगा। इससे 46,000 गांवों के लगभग 70 मिलियन लोगों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना के तहत, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 17,000 किलोमीटर से अधिक फीडर सेपरेशन नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा।

समझौते का महत्व

यह समझौता उत्तर प्रदेश में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड करने में मदद करेगा। इससे बिजली की आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस ऋण राशि का उपयोग उत्तर प्रदेश में ग्रामीण बिजली आपूर्ति की वित्तीय स्थिरता को बहाल करने के लिए किया जाएगा।

एशियाई विकास बैंक (ADB)

एडीबी एक क्षेत्रीय विकास बैंक है जिसका उद्देश्य एशिया में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इसकी स्थापना दिसंबर 1966 में की गयी थी। इसका मुख्यालय मनीला (फिलीपींस) में स्थित है। इसके कुल 68 सदस्य हैं, जिनमें से 48 एशिया और प्रशांत क्षेत्र जबकि बाकी 19 अन्य क्षेत्र के हैं। एडीबी का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ऋण, तकनीकी सहायता, अनुदान और इक्विटी निवेश प्रदान करके अपने सदस्यों और भागीदारों की सहायता करना है।

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