कोरोनावायरस

जापान ने COVAX के लिए अतिरिक्त 800 मिलियन डॉलर देने का निर्णय लिया

जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा (Yoshihide Suga) ने COVAX सुविधा के लिए अतिरिक्त 800 मिलियन डॉलर देने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है। मुख्य बिंदु COVAX को 800 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त अनुदान का उद्देश्य “दुनिया भर में कोरोनावायरस टीकों का उचित वितरण” करना है। यह घोषणा एक “ऑनलाइन वैक्सीन शिखर सम्मेलन” के दौरान की

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WHO ने भारत में पाए जाने वाले COVID-19 वेरिएंट का नामकरण किया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ग्रीक वर्णमाला के चार अक्षरों पर, वैश्विक चिंता के उभरते कोरोनावायरस वेरिएंट को लेबल करने के लिए कई नामों की सिफारिश की है। इसने भारत में पाए जाने वाले B.1.617.2 वेरिएंट को ‘डेल्टा’ नाम दिया है। मुख्य बिंदु यूके में पाए गये वेरिएंट को ‘अल्फा’ नाम दिया गया है। मौजूदा

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हैम्स्टर्स में डीएनए टीके प्रभावकारी साबित हुए : अध्ययन

ताइवान के शोधकर्ताओं ने कोरोनावायरस स्पाइक प्रोटीन के डीएनए का उपयोग करके एक टीका विकसित किया और चूहे और हैम्स्टर्स (चूहे की एक प्रजाति) पर इसकी प्रभावकारिता का परीक्षण किया। यह तकनीक mRNA के टीकों से अलग है। मुख्य बिंदु डीएनए टीकों को आमतौर पर कोशिकाओं में पहुंचाना मुश्किल होता है।लेकिन, नेशनल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट, ताइवान

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पशु रोग जोखिम पर सलाह देने के लिए ‘One Health’ पैनल का गठन किया गया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने तीन अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों के साथ विशेषज्ञों की एक टीम बनाई है जो जानवरों से मनुष्यों में बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए एक वैश्विक योजना विकसित करने में मदद करेगी। One Health यह पहल 2020 में फ्रांस और जर्मनी द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन मई

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खोजी कुत्ते 88% सटीकता के साथ कोविड का पता लगाने में सक्षम : अध्ययन

एक अध्ययन के अनुसार, खोजी कुत्ते (Sniffer dogs) SARS-CoV2 का पता लगाकर कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने में मदद कर सकते हैं। अध्ययन में यह पाया गया कि खोजी कुत्ते वायरस का पता लगाने में 88 प्रतिशत सटीक हो सकते हैं। मुख्य बिंदु अध्ययन लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (London School of Hygiene &

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CCoV-HuPn-2018 कोरोनावायरस क्या है?

CCoV-HuPn-2018 कोरोनावायरस, कुत्तों में इसकी उत्पत्ति के साथ, मलेशिया में 2017-2018 में निमोनिया से पीड़ित रोगियों में पाया गया था। इस अध्ययन के अनुसार, यह मनुष्यों में आठवां कोरोनावायरस रोग हो सकता है। हालांकि, यह वर्तमान में महामारी के जोखिम पैदा नहीं करता है। मामला क्या है? शोधकर्ताओं ने पूर्वी मलेशियाई राज्य सरवाक (Sarawak) के एक अस्पताल

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