गगनयान

गगनयान के लिए क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 12 जनवरी, 2022 को गगनयान कार्यक्रम के लिए क्रायोजेनिक इंजन की योग्यता परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की। मुख्य बिंदु यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में 720 सेकंड के लिए किया गया था। 1810 सेकंड की संचयी अवधि के लिए इस इंजन का चार बार और परीक्षण

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गगनयान : इसरो ने फ्रांस के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने हाल ही में फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी CNES  के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। CNES का अर्थ Centre National d’etudes Spatiales (National Centre for Space Studies) है। इस समझौते के अनुसार, CNES भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान में भारत की मदद करेगा। समझौते के बारे में फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय दल

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ISRO-JAXA ने चन्द्र ध्रुवीय अन्वेषण (Lunar Polar Exploration) पर सहयोग की समीक्षा की

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) ने 11 मार्च, 2021 को पृथ्वी अवलोकन, चंद्र सहयोग और उपग्रह नेविगेशन सहित सहयोग की समीक्षा की। मुख्य बिंदु दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों ने “अंतरिक्ष स्थिति संबंधी जागरूकता और पेशेवर विनिमय कार्यक्रम” (Space Situational Awareness and Professional Exchange Programme) में सहयोग के बारे

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2022 में लांच किया जायेगा चंद्रयान-3

हाल ही में इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी ने इसरो के कई प्रोजेक्ट्स को प्रभावित किया है, इसमें चंद्रयान-3 और गगनयान शामिल हैं। भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन वर्ष 2022  में चंद्रयान-3 को लांच करने के लिए कार्य कर रहा है। हालाँकि यह मिशन वर्ष 2020 में लांच किया जाना था,

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इसरो के चेयरमैन के. सिवान को एक वर्ष का कार्य विस्तार दिया गया

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने हाल ही में इसरो के चेयरमैन के. सिवान के कार्यकाल को एक वर्ष तक बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि के. सिवान का कार्यकाल 14 जनवरी, 2021 को समाप्त हो रहा था। अब डॉ. के. सिवान 14 जनवरी, 2022 तक अपनी सेवाएं देगे। के. सिवान के. सिवान तमिलनाडु के कन्याकुमारी

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ग्रीन प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी विकसित कर रहा है इसरो

इसरो “ग्रीन प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी” विकसित कर रहा है। यह टेक्नोलॉजी भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन  गगनयान के लिए विकसित की जा रही है, जिसे दिसंबर 2021 में लॉन्च किया जाना है। प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी क्या है? प्रोपल्शन का मतलब होता है आगे बढ़ना या किसी वस्तु को आगे बढ़ाना। रॉकेट और हवाई जहाज में, न्यूटन के तीसरे

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