गोवा

गोवा ने सोलर बेस्ड विद्युतीकरण कार्यक्रम लांच किया

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (Pramod Sawant) ने गोवा के राज्य स्थापना दिवस (30 मई) के अवसर पर राज्य के ग्रामीण परिवारों के लिए सौर-आधारित विद्युतीकरण कार्यक्रम लांच किया। सौर-आधारित विद्युतीकरण कार्यक्रम  (Solar-Based Electrification Programme) यह कार्यक्रम गोवा के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय ऊर्जा का उपयोग करके बिजली लाएगा जहां ग्रिड कनेक्टिविटी संभव नहीं है। इसे

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30 मई : गोवा का राज्यत्व दिवस (Goa Statehood Day)

30 मई, 2020 को गोवा अपना स्थापना दिवस मना रहा है। गोवा भारत में शामिल होने वाला 25वां राज्य था । इतिहास 15 अगस्त 1947 को जैसे ही भारत को स्वतंत्रता मिली, भारत ने पुर्तगालियों से उनके क्षेत्रों को सौंपने का अनुरोध किया। हालांकि, पुर्तगालियों ने इनकार कर दिया। 1961 में, भारत सरकार ने ऑपरेशन विजय (Operation Vijay) शुरू किया और दमन  व

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गोवा में शुरू हुआ “हुनर हाट” का 28वां संस्करण

कारीगरों और शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों के हुनर ​​हाट के 28वें संस्करण का आयोजन गोवा के पणजी में कला अकादमी में किया जा रहा है। यह इवेंट 26 मार्च से शुरू किया गया था  और 4 अप्रैल, 2021 तक चलेगा। इसकी थीम “Vocal for Local” है। मुख्य बिंदु केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi)

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गोवा बना शहरी स्थानीय निकायों के सुधारों को पूरा करने वाला 6वां राज्य

गोवा देश का 6वां राज्य बन गया है जिसने शहरी स्थानीय निकायों के सुधारों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। मुख्य बिंदु ये शहरी स्थानीय निकाय सुधार व्यय विभाग द्वारा स्थापित किए गए थे। वित्त मंत्रालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि गोवा राज्य अब ओपन मार्केट उधार की मदद से 223 करोड़ रुपये के

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मत्स्य क्षेत्र : गोवा में 400 करोड़ का निवेश किया जायेगा

केंद्रीय मत्स्य मंत्री गिरिराज सिंह ने 7 फरवरी, 2021 को घोषणा की कि गोवा को भारत का मत्स्य हब बनाने के लिए गोवा में 400 करोड़ का निवेश किया जाएगा। मुख्य बिंदु तटीय राज्य, गोवा में पूरे भारत में सबसे अधिक मछली उत्पादन की क्षमता है। गोवा भारत का “मत्स्य हब” भी बन सकता है।

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पश्चिमी घाट में Muraingrass की नई प्रजाति की खोज की गयी

हाल ही में गोवा के पश्चिमी घाट के पठार में वैज्ञानिकों द्वारा भारतीय मुरेनग्रास की एक नई प्रजाति की पहचान की गई है। भारतीय मुरेनग्रास चारे की तरह पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व के लिए जाना जाता हैं। यह प्रजाति कठोर परिस्थितियों और कम पोषक तत्व की उपलब्धता में जीवित रहने के लिए अनुकूलित है। यह हर साल मानसून

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