चीन

चीन ने मंगल मिशन के लिए छोटा हेलीकॉप्टर विकसित किया

चीन ने भविष्य के मंगल मिशनों पर निगरानी कार्य के उद्देश्य से एक प्रोटोटाइप छोटा हेलीकॉप्टर विकसित किया है। मुख्य बिंदु चीनी अंतरिक्ष विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस छोटे हेलीकॉप्टर को मंगल पर रोबोटिक रोवर की ऐतिहासिक लैंडिंग के बाद विकसित किया गया है। प्रोटोटाइप हेलीकॉप्टर दिखने में रोबोटिक हेलीकॉप्टर इनजेन्यूटी (Ingenuity) के समान है,

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चीन करेगा “Shared Destiny-2021” अभ्यास का आयोजन

चीन, मंगोलिया, थाईलैंड और पाकिस्तान की सेनाएं “Shared Destiny-2021” नामक एक बहुराष्ट्रीय शांति रक्षा अभ्यास में भाग लेंगी। प्रमुख बिंदु इसका आयोजन पीपल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा 6 से 15 सितंबर, 2021 तक चीन के मध्य हेनान प्रांत में संयुक्त हथियारों के सामरिक प्रशिक्षण बेस पर किया जाएगा। यह पहला बहुराष्ट्रीय शांति रक्षा अभ्यास है, जिसमें

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चीन ने तीन बच्चों की नीति (Three-Child Policy) को मंजूरी दी

चीन की राष्ट्रीय विधायिका ने औपचारिक रूप से सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा प्रस्तावित  तीन बच्चों की नीति (Three-Child Policy) का समर्थन किया। मुख्य बिंदु चीनी अधिकारियों के अनुसार, तीन दशकों से अधिक समय से लागू की गई एक बच्चे की नीति ने लगभग 400 मिलियन जन्मों को रोका है। तीन बच्चों की नीति एक प्रमुख

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चीन इंटरनेट कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धी विरोधी प्रथाओं नए नियम जारी किये

चीन ने इंटरनेट कंपनियों द्वारा प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं (anti-competitive practices) पर नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। नए नियम इंटरनेट कंपनियों को प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं में शामिल होने से रोकेंगे। मुख्य बिंदु नया दिशानिर्देश इंटरनेट कंपनियों को प्रतिद्वंद्वी प्लेटफार्मों को गलत तरीके से अवरुद्ध करने जैसे विरोधी प्रतिस्पर्धात्मक अभ्यास में शामिल होने से रोकने का प्रयास करता

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चीन ने 2060 तक कार्बन-न्यूट्रल बनने का लक्ष्य निर्धारित किया

चीन में औद्योगीकरण आश्चर्यजनक गति से हुआ जिसने लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और चीन को दुनिया के कारखाने में बदल दिया। हालांकि, इसने चीन को कार्बन डाइऑक्साइड का सबसे बड़ा उत्सर्जक भी बना दिया। नतीजतन, चीन ने 2060 तक कार्बन-न्यूट्रल बनने का लक्ष्य रखा है। कार्बन न्यूट्रल क्या है? कार्बन न्यूट्रल का अर्थ है

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संसदीय पैनल ने चीन के साथ जल समझौते के लिए सिफारिश की

संसदीय पैनल ने लोकसभा के समक्ष अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की चीन के साथ कोई जल संधि नहीं है। हालांकि, दोनों देशों ने ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदियों पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्य बिंदु ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदियों पर समझौता ज्ञापन पांच साल के लिए लागू रहेगा। इन समझौता ज्ञापनों

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