जम्मू और कश्मीर

वेयान (Weyan) बना 100% वयस्क आबादी का टीकाकरण करने वाला भारत का पहला गांव

जम्मू और कश्मीर के बांदीपोरा जिले का एक सुदूर गाँव वेयान (Weyan), COVID-19 के खिलाफ अपनी सभी वयस्क आबादी का टीकाकरण करने वाला भारत का पहला गाँव बन गया है।

मुख्य बिंदु

  • गांव में यह सफल टीकाकरण अभियान स्वास्थ्य कर्मियों का परिणाम था। बांदीपोरा जिले से 28 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव की वयस्क आबादी 362 है। गांव में पैदल चलने के लिए 18 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है क्योंकि कोई मोटर योग्य सड़क नहीं है।
  • इस गांव को ‘जम्मू और कश्मीर मॉडल’ के तहत कवर किया गया था, जो पूरी आबादी का टीकाकरण करने के लिए 10 सूत्री रणनीति है।
  • इस मॉडल के तहत, पहली रणनीति बूथ-स्तरीय प्रबंधन है जिसमें पात्र जनसंख्या सूची तैयार करना शामिल है। इसके बाद “वैक्सीन ऑन व्हील्स” है जिसके तहत स्वास्थ्य अधिकारी दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों को टीकाकरण के लिए पहुंचते हैं।

चुनौतियां

सुदूर गाँव में टीकाकरण कठिन और चुनौतीपूर्ण था क्योंकि गाँव में खानाबदोश परिवार शामिल हैं जो अपने पशुओं को चराने के लिए ऊंचे स्थानों पर जाते हैं। गांव में इंटरनेट नहीं है। इस प्रकार, उनके लिए टीकाकरण प्राप्त करने के लिए Co-Win पोर्टल पर अप्वाइंटमेंट प्राप्त करना संभव नहीं था।

प्रारंभ में, वैक्सीन हिचकिचाहट थी। इसके बावजूद, जम्मू-कश्मीर ने 45+ आयु वर्ग में 70 प्रतिशत टीकाकरण हासिल किया है जो देश के औसत से लगभग दोगुना है।

Month:

राज्य सभा ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया

राज्यसभा ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित कर दिया है। यह 2021 के जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) अध्यादेश की जगह लेगा, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के जम्मू और कश्मीर कैडर को  अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश कैडर (AGMUT Cadre) के साथ मिला दिया था। राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में संशोधन करने के लिए पिछले महीने अध्यादेश को लागू किया था।

मुख्य बिंदु

इस दौरान गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा की पिछले दो वर्षों में जम्मू और कश्मीर में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने कहा, सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए क्रांतिकारी और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव आयोजित किये गये, जहां 98 प्रतिशत मतदाताओं ने हिस्सा लिया। गांवों के विकास के लिए, मनरेगा के तहत एक हजार करोड़ प्रदान किए गए।

उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर को दिसंबर 2022 तक ट्रेन से जोड़ा जाएगा। दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल ‘चिनाब पुल’ अगले साल पूरा हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर में एलिवेटेड लाइट रेल सिस्टम को चार साल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों सहित जम्मू और कश्मीर में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल किया गया है। 2022 तक सभी के लिए पाइप द्वारा पानी प्रदान किया जाएगा।

Month:

जम्मू और कश्मीर ने गुच्छी मशरूम के लिए जीआई टैग की मांग की

जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल ही में गुच्छी मशरूम के लिए जीआई टैग की मांग की थी। गुच्ची मशरूम काफी ज्यादा महंगे होते हैं और यह स्वास्थ्य लाभ से भरपूर होते हैं। 500 ग्राम गुच्छी मशरूम की कीमत 18,000 रुपये है। हाल ही में, जम्मू और कश्मीर के केसर को जीआई टैग प्रदान किया गया था।

गुच्छी मशरूम

गुच्छी मशरूम परिवार की एक प्रजाति है जो मोरचेलेसी (Morchellaceae) ​​परिवार से संबंधित है। वे पीले पीले रंग के होते हैं और उनमें कई लकीरें और गड्ढे होते हैं। उनका एक बड़ा सफेद तना होता है। गुच्छी मशरूम को स्थानीय रूप से “थंटू” कहा जाता है।

यह गुच्छी मशरूम हिमाचल प्रदेश के उंचाई वाले इलाकों में भी पाए जाते हैं। हिमाचल में इन्हें ‘गुच्छी’ या ‘डूंघलू’ कहा जाता है।

गुच्छी मशरूम के लिए चूना पत्थर आधार के साथ मिट्टी उपयुक्त होती हैं। वे एसिड मिट्टी में भी काफी बढ़ते हैं। गुच्छी मशरूम आमतौर पर शुरुआती वसंत ऋतू में पाए जाते हैं। उन्हें उत्तरी अमेरिका में “मे मशरूम” कहा जाता है। मशरूम के उगने का समय फरवरी से जुलाई तक स्थानीय रूप से भिन्न-भिन्न होता है। कनाडा में, वे जून के बाद ही उगते हैं।

यह इतना ज्यादा महंगा क्यों होता है?

गुच्छी मशरूम की व्यावसायिक रूप से खेती नहीं की जा सकती है। वे उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के शंकुधारी जंगलों में उगते हैं। ग्रामीणों को इन मशरूम को इकट्ठा करने, उन्हें सुखाने और उन्हें बाजार में लाने में महीनों लग जाते हैं। गुच्छी मशरूम सड़ी हुई लकड़ी के ठूंठ मिट्टी और पत्तियों के लॉग पर गुच्छों में उगते हैं। और यह गुच्छी मशरूम हर सीजन में वे एक ही स्थान पर नहीं उगते। गुच्छी मशरूम को दूंढने और सुखाने की प्रक्रिया काफी अधिक थकाऊ है। इन कारणों की वजह से गुच्छी मशरूम अत्यधिक महंगे होते हैं।

स्वास्थ्य लाभ

गुच्छी मशरूम विटामिन, पोटाशियम और तांबे में समृद्ध होते हैं। ये विटामिन-डी से भी भरपूर होते हैं। इसके अलावा वे एंटीऑक्सिडेंट में भी समृद्ध हैं जो हृदय रोगों और मधुमेह जैसी समस्याओं को रोकती हैं।

Month:

पीएम मोदी ने जम्मू और कश्मीर में ‘सेहत’ योजना लांच की

आज 26 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने  जम्मू और कश्मीर में सेहत योजना (SEHAT Scheme) लांच करेंगे। SEHAT का पूर्ण “Social Endeavour for Health and Telemedicine” है।

मुख्य बिदु

SEHAT योजना लांच करने के बाद जम्मू-कश्मीर सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करे वाला देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन जायेगा। गौरतलब है कि वर्तमान में आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना-PMJAY के तहत जम्मू-कश्मीर में 30 लाख लोग कवर किये गये हैं। 26 दिसंबर को SEHAT योजना के लांचके साथ, गोल्डन कार्ड का वितरण भी शुरू किया जाएगा।

सेहत योजना

SEHAT नामक पहल को भारत सरकार ने वर्ष 2015 में अपोलो अस्पताल के साथ मिलकर लांच किया था। इस पहल का मकसद देश के ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन केन्द्रों की स्थापना करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ऑनलाइन ही डॉक्टरों से परामर्श ले सकें।

पीएम जन आरोग्य योजना (PMJAY)

पीएम जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत के दो घटकों में से एक है। इसे 2018 में झारखण्ड के रांची में लॉन्च किया गया था। इस योजना का उद्देश्य प्रति परिवार 5 लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य कवर प्रदान करना है। इससे लगभग 50 करोड़ कमजोर और गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा।

Month:

जम्मू-कश्मीर में पहले जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव संपन्न हुए

हाल ही में जम्मू-कश्मीर में पहले जिला विकास परिषद् चुनाव संपन्न हुए। गौरतलब है कि यह जम्मू-कश्मीर राज्य के विभाजन के बाद होने वाले पहले चुनाव हैं। इस चुनावों के लिए वोटों की गिनती 22 दिसम्बर, 2020 को की जाएगी।

मुख्य बिंदु

जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव का आरम्भ 28 नवंबर को शुरू हुआ था। इन चुनावों का आयोजन 8 चरणों में किया गया। इसके पहले चरण में 51.76% मतदान दर्ज किया गया था। डीडीसी चुनावों के पहले चरण में, जम्मू में 64.2% मतदान हुआ। इन चुनावों के अन्य चरण 1 दिसंबर, 4, 7, 10, 13, 16 और 19 दिसम्बर को आयोजित किए गए और इनमे मतदान क्रमशः 62%, 50.53%, 50.08%, 51.20%, 51.51%, 57.22% और 40% रहा। सभी चरणों में कुल मिलाकर 51% मतदान दर्ज किया गया।

पहले चरण में कश्मीर डिवीज़नके 10 जिलों में 40.65% मतदान दर्ज किया गया यह दूसरे चरण में 33.34%, तीसरे में 31.61%, चौथे में 31.95%, पांचवें में 33.57%, छठे में 31.55% और सातवें चरण में 39.52% मतदान दर्ज किया गया।

जम्मू और कश्मीर का विभाजन

2020 में, केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। जम्मू और कश्मीर में एक विधायिका है जबकि लद्दाख कोई विधायिका नहीं है।

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जम्मू-कश्मीर में निवेश करेगा यूएई   

यूएई  बेस्ड लुलु समूह ने जम्मू-कश्मीर ने श्रीनगर में एक खाद्य प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है।

मुख्य बिंदु

इस खाद्य प्रसंस्करण इकाई को जम्मू और कश्मीर से कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए स्थापित किया जाएगा। संयुक्त अरब अमीरात-भारत खाद्य सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2020 के अवसर पर जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा एक बैठक आयोजित की गई थी। इसका आयोजन यह भारत के महावाणिज्य दूतावास दुबई और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और इन्वेस्ट इंडिया द्वारा किया गया था।

दोनों पक्षों लुलु समूह और फ्रूट मास्टर एग्रो फ्रेश जम्मू एंड कश्मीर ने लुलु समूह के सुपरमार्केट के लिए सेब और अन्य फलों की आपूर्ति के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। लुलु समूह के ये सुपरमार्केट खाड़ी देशों में  हैं।

इस बैठक के दौरान, जम्मू और कश्मीर से कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्णय लिए गए। लुलु समूह जम्मू और कश्मीर में लॉजिस्टिक सुविधाएं और कार्यालय स्थापित करेगा।

जम्मू और कश्मीर-लुलु समूह सहयोग

लुलु समूह वर्तमान में कश्मीर से सेब और केसर आयात करता है। आने वाले वर्षों में इस  आयात में वृद्धि होने की उम्मीद है। वर्तमान महामारी की स्थिति में भी, लुलु समूह ने 400 टन से अधिक कश्मीरी सेब का आयात किया।

भारत-यूएई व्यापार संबंध

संयुक्त अरब अमीरात पूरे पश्चिम एशिया उत्तरी अफ्रीका (WANA) क्षेत्र में भारत का शीर्ष व्यापारिक भागीदार है। भारत का वैश्विक निर्यात का 6% यूएई को भेजा जाता है। 2008–09 में, भारत संयुक्त अरब अमीरात का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार था, उस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 44.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक था।

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