भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

इसरो लांच करेगा PSLV-C52 मिशन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 2022 के अपने पहले मिशन को 14 फरवरी, 2022 को लॉन्च करने जा रहा है। मुख्य बिंदु  ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV-C52) 14 फरवरी को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा के पहले लॉन्च पैड से लॉन्च किया जायेगा। यह एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (EOS-04) को ले जायेगा। PSLV-C52 PSLV-C52 का

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2022 के लिए इसरो के मिशन : मुख्य बिंदु

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष के. सिवन ने हाल ही में 2022 की योजनाओं के बारे में घोषणा की। उन्होंने 2021 में किए गए मिशनों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। मिशन 2022 के लिए योजना PSLV पर पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 4 और 6 लॉन्च किए जाने हैं। इसरो 2022 में आदित्य L1,

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इसरो (ISRO) निजी भागीदारी के साथ एक SSLV विकसित कर रहा है

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) निजी भागीदारी के साथ एक Small Satellite Launch Vehicle (SSLV) विकसित करने की प्रक्रिया में है। इस उपग्रह को 2022 की पहली तिमाही में लॉन्च किया जाएगा। मुख्य बिंदु यह SSLV 500 किलोमीटर की कक्षा में 500 किलोग्राम की पेलोड क्षमता प्रदान करेगा। इस

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इसरो एक सौर ऊर्जा कैलकुलेटर एप्लिकेशन लांच करेगा जो किसी भी क्षेत्र की सौर ऊर्जा क्षमता को माप सकता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जल्द ही दुनिया को एक सौर ऊर्जा कैलकुलेटर एप्लिकेशन प्रदान करेगा जो दुनिया भर में किसी भी क्षेत्र की सौर ऊर्जा क्षमता को माप सकता है। मुख्य बिंदु ग्लासगो में वैश्विक COP26 शिखर सम्मेलन के त्वरित प्रौद्योगिकी नवाचार और तैनाती पर सत्र में

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MyGov India ने प्लेनेटेरियम इनोवेशन चैलेंज (Planetarium Innovation Challenge) लॉन्च किया

MyGov India ने भारतीय स्टार्ट-अप और तकनीकी उद्यमियों के लिए “प्लैनेटेरियम इनोवेशन चैलेंज” (Planetarium Innovation Challenge) लॉन्च किया है। मुख्य बिंदु  इस प्लैनेटेरियम चैलेंज को भारत से बाहर स्थित टेक फर्मों और स्टार्ट-अप्स को एक साथ लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, जिसमें एक स्वदेशी प्लैनेटेरियम प्रणाली सॉफ्टवेयर बनाने की क्षमता है। यह

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इसरो पुन: प्रयोज्य (reusable) GSLV Mk-III लॉन्च व्हीकल विकसित करेगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) पुन: प्रयोज्य (reusable) GSLV Mk-III लॉन्च वाहन विकसित करने के लिए प्रौद्योगिकियों पर काम कर रहा है। मुख्य बिंदु यह नई तकनीक ISRO को अपने GSLV Mk-III लॉन्च वाहनों को लंबवत रूप से उतारने (vertical landing) में मदद करेगी। इस तकनीक के साथ, इसरो लांच व्हीकल के पहले और दूसरे

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