भारतीय रिज़र्व बैंक

RBI ने केंद्र सरकार को 99,122 करोड़ रुपये हस्तांतरित करने के लिए मंज़ूरी दी

हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक ने केंद्र सरकार को अधिशेष (surplus) 99,122 करोड़ रुपये हस्तांतरित करने के लिए मंज़ूरी दी। इसके अलावा, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 5.50% का Contingency Risk Buffer बनाये रखने को भी मंज़ूरी दी। मुख्य बिंदु भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा यह निर्णय सेंट्रल बोर्ड की 589वीं बैठक में लिया गया। इस

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RBI ने G-SAP 1.0 के तहत दूसरी खरीद की घोषणा की

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने हाल ही में घोषणा की कि सरकारी प्रतिभूतियों के खुले बाजार की खरीद का दूसरी किश्त 20 मई, 2021 को की जाएगी। यह जी-सेक अधिग्रहण कार्यक्रम (G-Sec Acquisition Programme) के तहत किया जायेगा। यह दूसरी खरीद 35,000 करोड़ रुपये में की जाएगी। पृष्ठभूमि अप्रैल 2021 में, भारतीय रिजर्व

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RBI छोटे वित्त बैंकों के लिए पहले SLTRO का संचालन करेगा

भारतीय रिज़र्व बैंक ने हाल ही में घोषणा की कि वह लघु वित्त बैंकों (Small Finance Banks) के लिए 10,000 करोड़ रुपये के पहले विशेष दीर्घकालिक रेपो ऑपरेशन (Special Long Term Repo Operation – SLTRO) का संचालन करेगा। योजना क्या है? मई 2021 से शुरू होने वाले प्रत्येक महीने के लिए RBI द्वारा SLTRO का

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RBI ने RRA 2.0 की सहायता के लिए समिति का गठन किया

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में एस. जानकीरमण (S. Janaki Raman) के तहत एक समिति का गठन किया है। यह समिति को दूसरे नियामक समीक्षा प्राधिकरण (Regulatory Review Authority) की सहायता करेगी। समिति के बारे में यह समिति क्षेत्रों, दिशानिर्देशों, विनियमों और रिटर्न की पहचान करने के लिए प्राधिकरण की सहायता करेगी। यह समय-समय

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G-SAP 1.0 के तहत RBI की दूसरी खरीद : मुख्य बिंदु

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने हाल ही में घोषणा की कि आरबीआई 20 मई, 2021 को जी-सेक अधिग्रहण कार्यक्रम 1.0 (G-Sec Acquisition Programme 1.0) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की दूसरी खरीद करेगा । पहली खरीद अप्रैल, 2021 में की गई थी। आरबीआई ने पहली खरीद के दौरान सरकारी प्रतिभूतियों के

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बैंक के सीईओ और एमडी के कार्यकाल के लिए आरबीआई ने दिशानिर्देश जारी किये

भारतीय रिज़र्व बैंक ने हाल ही में कॉरपोरेट बैंक प्रशासन में सुधार लाने के लिए कई निर्देश दिए हैं। RBI के दिशानिर्देश एक व्यक्ति एमडी और सीईओ के पद पर 15 वर्ष से अधिक समय तक नहीं रह सकता।हालांकि, तीन साल की अवधि के बाद उन्हें फिर से नियुक्त किया जा सकता है। इस अवधि के

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