भारत का विदेशी मुद्रा भंडार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.271 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 598.165 अरब डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा

28 मई, 2021 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.271 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 598.165 अरब डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत पांचवे स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

28 मई, 2021 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $553.529 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $38.106 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $1.515 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $5.016 बिलियन

 

Month:

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.865 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 592.894 अरब डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा

21मई, 2021 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.865 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 592.894 अरब डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत चौथे स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

21 मई, 2021 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $548.519 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $37.841 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $1.513 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $5.021 बिलियन

 

Month:

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 563 मिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 590.028 अरब डॉलर पर पहुंचा

14 मई, 2021 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 563 मिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 590.028 अरब डॉलर पर पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत चौथे स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

14 मई, 2021 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $546.870 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $36.654 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $1.506 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $4.999 बिलियन

Month:

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.4 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 589.465 अरब डॉलर पर पहुंचा

7 मई, 2021 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.4 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 589.465 अरब डॉलर पर पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत चौथे स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

7 मई, 2021 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $546.493 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $36.480 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $1.503 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $4.989 बिलियन

Month:

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3.91 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 588.02 अरब डॉलर पर पहुंचा

30 अप्रैल, 2021 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3.91 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 588.02 अरब डॉलर पर पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत चौथे स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

30 अप्रैल, 2021 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $546.413 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $35.464 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $1.508 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $4.99 बिलियन

Month:

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.193 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 582.406 अरब डॉलर पर पहुंचा

16 अप्रैल, 2021 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.193 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 582.406 अरब डॉलर पर पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत चौथे स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

16 अप्रैल, 2021 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $540.585 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $35.354 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $1.498 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $4.969 बिलियन

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