भारत-नेपाल सम्बन्ध

भारत ने सड़क निर्माण परियोजना के लिए नेपाल को 800 करोड़ नेपाली रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की

भारत ने नेपाल को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत 800 करोड़ नेपाली करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की है, इसका उद्देश्य नेपाल के तराई क्षेत्र में सड़क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

मुख्य बिंदु

एक समझौता ज्ञापन के तहत, नेपाल सरकार ने 800 करोड़ के वित्त पोषण के तहत भारत सरकार द्वारा बनाई जाने वाली दस प्राथमिकता वाली सड़कों की पहचान की है।

इन तराई सड़कों को हुलाकी राजमार्ग भी कहा जाता है और और यह पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर स्थित प्रमुख शहरों कनेक्ट करती हैं। यह सड़कें 284 से अधिक वार्डों, 149 गांवों, 18 ग्राम नगर पालिकाओं, 18 नगर पालिकाओं और 1 उप-महानगरीय शहर के लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी।

तराई सड़क परियोजना ने नेपाल के तराई क्षेत्र में सड़क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद की है और दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा दिया है।

भारत-नेपाल

  • भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। इसके अलावा, भारत नेपाल में सबसे बड़े विदेशी निवेश का स्रोत है।
  • भारत की गोरखा रेजिमेंट में नेपाल के पहाड़ी जिलों से युवाओं को भर्ती से किया जाता है।
  • सूर्य किरण भारत और नेपाल के बीच एक संयुक्त सैन्य अभ्यास है।
  • भारत और नेपाल का कालापानी क्षेत्र पर सीमा विवाद है। हाल ही में नेपाल सरकार ने कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपने देश के नए नक्शे में शामिल करने की मंजूरी दी। यह अब देशों के बीच प्रमुख अड़चन बन गया है।
  • भारत नेपाल के साथ कई बहुपक्षीय मंच साझा करता है। वे BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi Sectoral Technical and Economic Cooperation), SAARC (South Asian Association for Regional Cooperation), NAM (Non-aligned Movement), BBIN (Bangladesh, Bhutan, India and Nepal) हैं।
  • भारत और नेपाल ने काठमांडू-वाराणसी, जनकपुर-अयोध्या और लुम्बिनी-बोधगया नामक तीन सिस्टर-सिटीज समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • नेपाल एक नाजुक पारिस्थितिक क्षेत्र में है जो भूकंप और बाढ़ से ग्रस्त है। इससे धन और जीवन के संदर्भ में बड़े पैमाने पर क्षति होती है। नेपाल मानवीय सहायता का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता है।

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