भारत में राष्ट्रपति पर महाभियोग

डोनाल्ड ट्रम्प के विरुद्ध दूसरा महाभियोग अभियान शुरू हुआ

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के इतिहास में ऐसे दूसरे राष्ट्रपति बन गये हैं, जिन पर दूसरी बार महाभियोग चलाया गया है। हाल ही में अमेरिका के हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिव्स ने उन पर महाभियोग चलाने को मंज़ूरी दी है। दरअसल हाल ही में ट्रम्प समर्थकों ने यूएस कैपिटल बिल्डिंग पर हमला किया, डोनाल्ड ट्रम्प ने बार-बार दोहराया है  कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, 2020 में धांधली हुई है।

इससे पहले बिल क्लिंटन ने 1999 में तथा एंड्रू जॉनसन ने 1868 में इसी प्रकार की स्थिति का सामना किया था। डोनाल्ड ट्रम्प पर 2020 के चुनाव के लिए  यूक्रेन से सहायता लेने का आरोप लगा था।

अमेरिका में राष्ट्रपति पर महाभियोग

अमेरिका का संविधान हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिव को राष्ट्रपति के विरुद्ध महाभियोग शुरू करने की शक्ति देता है। हाउस ऑफ़ सीनेट में राष्ट्रपति के ऊपर लगाये गये आरोप का ट्रायल किया जाता है, इसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश द्वारा की जाती है। सीनेट में राष्ट्रपति पर महाभियोग पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।

भारत में राष्ट्रपति पर महाभियोग

भारत के संविधान के अनुच्छेद 61 में राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए प्रक्रिया का वर्णन किया गया है। भारत के राष्ट्रपति पर संविधान के उल्लंघन के कारण महाभियोग लगाया जा सकता है।

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