यूनिसेफ

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने भारत को COVID-19 से निपटने के लिए फंडिंग की घोषणा की

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में भारत को COVID-19 से लड़ने में मदद करने के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है। गूगल 18 मिलियन डॉलर (135 करोड़ रुपये) प्रदान करेगा। माइक्रोसॉफ्ट ऑक्सीजन कंसंट्रेशन उपकरणों को खरीदने के लिए राहत प्रयासों के साथ भारत की मदद करेगा।

मुख्य बिंदु

  • अनुदान के रूप में गूगल की राहत राशि गैर-लाभकारी संगठनों यूनिसेफ और GiveIndia को जाएगी।
  • GiveIndia के माध्यम से, गूगल महामारी से प्रभावित परिवारों को नकद सहायता प्रदान करेगा।
  • यूनिसेफ को प्रदान किए जा रहे अनुदान का उपयोग तत्काल चिकित्सा आपूर्ति करने के लिए किया जायेगा। इसमें परीक्षण उपकरण और जीवन रक्षक ऑक्सीजन उपकरण शामिल हैं।
  • साथ ही, 900 से अधिक गूगल कर्मचारियों ने कुल 7 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

ट्विटर और फेसबुक

जब सुंदर पिचाई और नडेला ने सहायता की घोषणा की, उस वक्त जैक डोरसी और जकरबर्ग चुप थे। जैक डोर्सी ट्विटर के सीईओ हैं। मार्क जकरबर्ग फेसबुक के सीईओ हैं। हाल ही में, सेंसरशिप और गोपनीयता नीतियों के कारण भारत सरकार के साथ  डोरसी और जुकरबर्ग के संबंध कुछ हद तक तनावपूर्ण हो गये थे।

भारत सरकार और Twitter, Facebook के बीच क्या मुद्दा है?

2019 में, भारत सरकार ने ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को जनवरी और अक्टूबर, 2019 के बीच 3,433 URL हटाने का आदेश दिया था। 2016 के बाद से यह संख्या पांच गुना बढ़ गई है। यह सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 A के तहत किया गया था।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एक्ट की धारा 69 A

यह कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से किसी भी जानकारी के सार्वजनिक उपयोग को अवरुद्ध करने की शक्तियाँ प्रदान करता है। निर्देशों का पालन करने में विफल रहने वाले व्यक्तियों को सात साल तक के कारावास की सजा दी जा सकती है।

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यूनिसेफ ने लांच किया COVID-19 वैक्सीन मार्केट डैशबोर्ड

हाल ही में यूनिसेफ ने COVID-19 वैक्सीन मार्केट डैशबोर्ड को COVAX खरीद समन्वयक और खरीद एजेंट के रूप में लॉन्च किया है।

मुख्य बिंदु

यह देशों और उद्योगों के लिए तेजी से विकसित हो रहे COVID-19 टीकों के विकास की जानकारी प्राप्त करने के लिए एक इंटरैक्टिव टूल है। यह COVAX सुविधा के प्रयासों के बारे में जानने के लिए एक प्लेटफार्म के रूप में भी काम करेगा। इसके साथ, यूनिसेफ का उद्देश्य सभी देशों के लिए COVID-19 वैक्सीन की निष्पक्ष और न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित करना है। यह डैशबोर्ड वैश्विक अनुसंधान और COVID-19 वैक्सीन के विकास, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय आपूर्ति समझौते, अनुमानित उत्पादन क्षमता और रिपोर्ट किए गए मूल्य पर नियमित अपडेट प्रदान करेगा।

COVAX

COVAX का लक्ष्य COVID-19 टीकों को विकसित करना, खरीदना और समान रूप से वितरित करना है। इसका नेतृत्व CEPI (Coalition for Epidemic Preparedness Innovation), वैक्सीन गठबंधन, GAVI (Global Alliance for Vaccine and Immunisation) द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी देशों और वैक्सीन निर्माताओं को एक प्लेटफार्म पर लाना है। हालाँकि, अमेरिका ने COVAX में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

इसका उद्देश्य 2021 के अंत तक दो बिलियन वैक्सीन खुराक को सुरक्षित करना है। यह वैक्सीन राष्ट्रवाद को रोकने के लिए काम करेगा।

ACT-Accelerator

ACT-Accelerator का अर्थ ‘Access to COVID-19 Tools Accelerator’ है। यह नए COVID-19 डायग्नोस्टिक्स के विकास, उत्पादन और न्यायसंगत पहुंच में तेजी लाने के लिए एक वैश्विक सहयोग है।

PAHO

PAHO का अर्थ ‘Pan American Health Organisation’ है। यह एक विशेष अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी है। यह पूरे क्षेत्र के देशों के साथ काम करता है ताकि लोगों के स्वास्थ्य में सुधार और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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यूनिसेफ दिवस : 11 दिसंबर

हर साल संयुक्त राष्ट्र द्वारा 11 दिसंबर को यूनिसेफ दिवस मनाया जाता है। यूनिसेफ दिवस 11 दिसंबर को मनाया जाता है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 1946 को यूनिसेफ का गठन किया था। UNICEF का पूर्ण स्वरुप United Nations International Children Emergency Fund है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बच्चों की स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण में सहायता, आपूर्ति और सुधार करने के लिए इसे शुरू किया गया था।

यूनिसेफ द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट

यूनिसेफ स्टेट ऑफ वर्ल्ड चिल्ड्रन रिपोर्ट जारी करता है। स्टेट ऑफ द वर्ल्ड चिल्ड्रन रिपोर्ट, 2019 के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के तीन बच्चों में से कम से कम एक का वजन अधिक या कम है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि कम से कम दो में से एक बच्चा भूख से पीड़ित है। तीन मुख्य चिंताएं जो बच्चों के अस्तित्व और विकास को खतरे में डालती हैं, वे हंु कुपोषण, अधिक वजन और भूख।

यूनिसेफ

यूनिसेफ का गठन 11 दिसम्बर, 1946 को किया गया था। नौ देशों को छोड़कर 191 देशों में यूनिसेफ की उपस्थिति है। इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में मौजूद है। इसके सात देशों में क्षेत्रीय कार्यालय हैं जिनमें पनामा, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड, केन्या, जॉर्डन, नेपाल और सेनेगल शामिल हैं। इनके अलावा, लगभग 36 विकसित राष्ट्रों में राष्ट्रीय समितियाँ हैं जिनका मुख्य कार्य सार्वजनिक क्षेत्र से धन जुटाना है क्योंकि यूनिसेफ पूरी तरह से स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर है।
इसका उद्देश्य बच्चों के जीवन को बचाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें उनकी क्षमता को पूरा करने में मदद करना है। इसे 1965 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यूनिसेफ के कार्यों में बाल संरक्षण, बाल विकास और पोषण, शिक्षा, पोलियो उन्मूलन, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया शामिल हैं।

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